दैनिक भास्कर हिंदी: मेट्रो में हो रही प्री-वेडिंग शूटिंग, अधिकांश फेरियां खाली होने का कपल उठा रहे फायदा

October 30th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। धीमी रफ्तार व अधूरे स्टेशन व्यवस्था के कारण मेट्रो को ज्यादा यात्री नहीं मिल रहे हैं। परिणाम स्वरूप बर्डी से खापरी व खापरी से बर्डी की अधिकांश फेरियां खाली अवस्था में है। इसका फायदा कुछ प्री- वेडिंग शूटिंग वाले उठा रहे हैं।  सोशल मीडिया पर मेट्रो में एक जोड़े की प्री- वेडिंग शूटिंग के फोटो वायरल हुए। हालांकि मेट्रो प्रशासन इसे फोटोशॉप का काम बता रहा है। 

 उल्लेखनीय है कि गत कुछ समय से शहर में खापरी से बर्डी का सेक्शन शुरू किया गया। जिस पर दिनभर में एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियां अप-डाउन करती है। लेकिन अभी तक मेट्रो को ठीक से यात्री नहीं मिल पाए हैं। एक फेरी में 900 से ज्यादा की क्षमता रखने वाली गाड़ियों में 200 से भी कम यात्री रहने की नौबत आन पड़ी है। जिसका मुख्य कारण अब भी इस सेक्शन के ज्यादात्तर स्टेशन अंडर कंस्ट्रक्शन बताए जा रहे है। उज्वल नगर, जयप्रकाश नगर, छत्रपति नगर, अजनी रहाटे कॉलोनी व कॉग्रेस नगर जैसे स्टेशन अब भी अधूरे हैं।

परिणाम स्वरूप धीमी रफ्तार से गंतव्य तक पहुंचने वाली मेट्रो गाड़ियां इन स्टेशनों पर नहीं रूकती है। ऐसे में यह गाड़ियां खापरी से बर्डी व बर्डी से खापरी तक के लिए सीमित रह गई है। बीच में कुछ स्टेशनों पर भी रूकती है, गाड़ियां लेकिन यहां के ज्यादा यात्री नहीं रहते हैं।  इन दिनों वॉट्सएप पर एक प्री- वेडिंग की फोटो वायरल हो रही है। जिसे मेट्रो में शूट किया गया है। जिसमें मेट्रो पूरी तरह से खाली नजर आ रही है। इसके अलावा मेट्रो स्टेशनों के सामने व मेट्रो की साइकलिंग के साथ भी इस तरह शूट की फोटो है। ऐसे में धीरे-धीरे मेट्रो प्री- वेडिंग शूटिंग के लिए लोकप्रिय होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। 

आपराधिक गतिविधियों की आशंका 
वायरल हो रही फोटो मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। इस तरह भविष्य में कोई भी आकर यहां अापराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। 

हर दिन लग रही 2200 यूनिट बिजली 
फिलहाल सुबह 8 से रात 8 तक दो दर्जन से ज्यादा बार मेट्रो बर्डी से खापरी के बीच चक्कर लगा रही है। ऐसे में प्रतिदिन इन गाड़ियों को खींचने के लिए ओएचई में 2200 यूनिट बिजली लग रही है।  प्रति यूनिट 10 से 11 रुपए का खर्च अनुमानित है। ऐसे में प्रति महीना 6 लाख 60 हजार रुपए मेट्रो संचालन पर खर्च हो रहे है।

 ऐसी कोई जानकारी नहीं
मेट्रो में किसी तरह का फोटो शूट होने की हमें जानकारी नहीं। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला फोटो फोटोशॉप की मदद से तैयार किया गया हो सकता है। फोटो ओरिजनल होने का कोई प्रमाण नहीं है।  अखिलेश हलवे, डीजीए ( कार्पोरेट), मेट्रो नागपुर
   

खबरें और भी हैं...