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शहडोल: चिकित्सा महाविद्यालयों में 970 नर्सिंग सीट्स बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी

November 16th, 2020 15:40 IST
शहडोल: चिकित्सा महाविद्यालयों में 970 नर्सिंग सीट्स बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी

डिजिटल डेस्क, शहडोल। शहडोल चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 में शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय में नवीन पाठ्यक्रम एवं सीट्स वृद्धि की स्वीकृति प्रदान की है। मंत्री श्री सारंग ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रस्ताव अनुसार प्रदेश के 6 चिकित्सा महाविद्यालयों में बी.एस.सी. नर्सिंग की 440, पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. नर्सिंग की 260 और एम.एस.सी. नर्सिंग की 270 सीट्स बढाई गई हैं। शासकीय स्कूल ऑफ नर्सिंग हमीदिया हॉस्पिटल भोपाल में बी.एस.सी. नर्सिंग की 60 से 120 सीट्स, पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. नर्सिंग की 60 सीट्स, एम.एस.सी. नर्सिंग की 50 सीट्स, शासकीय स्कूल ऑफ नर्सिंग जी.एम. हॉस्पिटल रीवा में बी.एस.सी. नर्सिंग की 30 से 120 सीट्स, पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. नर्सिंग की 60 सीट्स, एम.एस.सी. नर्सिंग की 50 सीट्स तथा शासकीय स्कूल ऑफ नर्सिंग मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल जबलपुर में बी.एस.सी. नर्सिंग की 60 से 120 सीट्स संख्या, पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. नर्सिंग की 60 सीट्स, एम.एस.सी. नर्सिंग की 50 सीट्स मंजूर की गई हैं। साथ ही शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय इंदौर में बी.एस.सी. नर्सिंग की 100 सीट्स से 210 सीट्स, पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. नर्सिंग की 40 सीट्स से 60 सीट्स और एम.एस.सी. नर्सिंग की 50 सीट्स से 100 सीट्स की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी प्रकार शासकीय स्कूल और नर्सिंग बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज सागर में बी.एस.सी. नर्सिंग की 60 सीट्स से 120 सीट्स, एम.एस.सी. नर्सिंग की 20 सीट्स और शासकीय स्कूल ऑफ नर्सिंग जे.ए. हॉस्पिटल ग्वालियर में बी.एस.सी नर्सिंग की 60 सीट्स से 120 सीट्स, पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. नर्सिंग की 60 सीट्स, एम.एस.सी. नर्सिंग की 50 सीट्स स्वीकृत की हैं। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त सीट्स वृद्धि से प्रदेश में नर्सिंग में सुपर स्पेशलाइजेशन एवं क्रिटिकल केयर जैसे विषयों में पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे। इससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि होगी। साथ ही युवाओं को रोजगार के नये आयाम खुलेंगे।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।