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लॉकअप से रेप का आरोपी फरार

लॉकअप से रेप का आरोपी फरार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अजनी थाने के लॉकअप से रेप केस का एक आरोपी फरार हो गया। उसका नाम निखिल नंदनकर है। एक किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था।  पुलिस सूत्रों के अनुसार, 2 जून को अजनी थानांतर्गत एक 17 वर्षीय किशोरी लापता हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अजनी पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया। प्रकरण की जांच पांचपावली थाने के बोंडे को सौंपी गई थी। पांचपावली थाने के प्रोबेशनरी (प्रशिक्षणार्थी) पुलिस उपनिरीक्षक बोंडे ने भांडेवाड़ी परिसर से आरोपी निखिल चैतराम नंदनकर (27) को गिरफ्तार कर अजनी पुलिस को सौंपा था।

इसलिए किया था गिरफ्तार

आरोपी निखिल उसे शादी का झांसा देकर भगा ले गया था। उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म भी किया। अजनी थाने में आरोपी पर अपहरण का मामला तो पहले ही दर्ज था। पुलिस ने दुष्कर्म की धारा बढ़ाकर निखिल को गिरफ्तार किया। बुधवार रात 8.30 बजे निखिल को अजनी थाने की लॉकअप में बंद किया गया था। लॉकअप के सामने तैनात महिला पुलिस सिपाही वनिता जुनघरे  नाकाबंदी के लिए जा रहे पुलिसकर्मियों को वॉकी-टाकी देने गई और फिर वहां से वॉशरूम चली गई। उसे लगा कि लॉकअप का दरवाजा बंद है, तभी मौका पाकर निखिल लॉकअप से भाग निकला। वह डीबी रूम की तरफ के दरवाजे से बाहर निकल गया और किसी को पता तक नहीं चला। 

मामले को दबाने का प्रयास

आरोपी निखिल ने जिस किशोरी के साथ दुष्कर्म किया, वह इवेंट का काम करती है। वह 2 जून को काम के पैसे लेने घर से निकली तो वापस नहीं लौटी। करीब दो हफ्ते तक उसकी मां ने अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। 16 जून को पीड़िता की मां ने उसके गायब होने की शिकायत अजनी थाने में दर्ज कराई। उसके बाद यह मामला बोंडे को सौंपा गया। बुधवार को निखिल को उसके ही घर से पुलिस ने धर-दबोचा। वह विवाहित है। उसने यह बात पीड़िता से छिपाई और प्रेमजाल में फांस लिया था। आरोपी के  फरार होने पर अजनी पुलिस को पहले तो लगा िक वह मिल जाएगा, जब नहीं िमला तो मामले को दबाने का भी प्रयास किया गया, लेकिन अंत में मामला उजागर हो गया।

मौका मिलते ही फरार

वॉशरूम से  लौटने पर लॉकअप का गेट खुला देखकर महिला सिपाही के होश उड़ गए। आरोपी निखिल गायब हो चुका था।  उसने घटना की जानकारी अधिकारियों को दी। पुलिस ने निखिल की काफी देर तक तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। कहा जा रहा है कि लॉकअप के गेट पर ताला तो लगाया गया था, लेकिन अंदर की कुंडी  (चिटकनी) ठीक तरह से नहीं फंसी थी। चर्चा यह भी है कि लॉकअप को ताला नहीं लगाया गया था। यह बात आरोपी के ध्यान में आ चुकी थी और वह  मौका मिलते ही लॉकअप से गायब हो गया। निखिल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।  

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।