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118 करोड़ की वसूली महावितरण के लिए बड़ी चुनौती

118 करोड़ की वसूली महावितरण के लिए बड़ी चुनौती

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर के तीन विभागों से 118 करोड़ की बिजली बिल की वसूली महावितरण के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। शहर के संवेदनशील जगहों पर वसूली के लिए गए महावितरण कर्मचारी पहले ही पिट चुके है। महावितरण का उद्देश्य 100 प्रतिशत बिल की वसूली है। वसूली के लिए गए कर्मचारियों के साथ अभी तक पुलिस बंदोबस्त नहीं था। मारपीट की वारदातों के बाद कर्मचारी पुलिस बंदोबस्त की जरूरत महसूस कर रहे है। महावितरण ने 8 सितंबर से शहर के महल, गांधीबाग व सिविल लाइन्स विभाग की जिम्मेदारी फिर से अपने हाथ में ली। इन तीन विभागों से लगभग 118 करोड़ की बिजली बिल की वसूली करनी है।

तीन जगह पिट चुके है महावितरण कर्मचारी

महावितरण ने ये जिम्मेदारी संबंधित एरिया के कर्मचारियों पर डाली है। शहर में मोमिनपुरा, बड़ा ताजबाग, ठाकुर प्लाट, भालदारपुरा, इमामवाडा, जाटतरोडी, रामबाग समेत दर्जनों ऐसे क्षेत्र है, जो बिल की वसूली के मामले में काफी संवेदनशील माने जाते है। महावितरण की तरफ से हाल ही में जो बकाया बिल की वसूली हुई, इसमें पुलिस का साथ नहीं लिया गया। यानी महावितरण ने पुलिस बल के लिए न गुजारिश की न शुल्क भरकर पुलिस बल मांगा। मोमिनपुरा, भालदारपुरा आैर सिरसपेठ में कर्मचारियों से हुई मारपीट की वारदातों के समय पुलिस बल की मौजुदगी नहीं थी। पिटाई से आहत कर्मचारी डरे-सहमे है। इसका कारण यह है कि इन्हें अब आैर संवेदनशील जगहों से भी वसूली करनी है। बगैर पुलिस बल के फिर हाथापाई होने का डर इन्हें सता रहा है।

मनपा व नासुप्र लेती है पेड बंदोबस्त

मनपा व नागपुर सुधार प्रन्यास की तरफ से नियमितरूप से अधिक्रमण विरोधी कार्रवाई जारी रहती है। कई बार टकराव व झडप की घटनाआें के बाद मनपा व नासुप्र पेड पुलिस बंदोबस्त ले रही है। मनपा कई सालों से पुलिस बंदोबस्त का भुगतान कर रही है। नासुप्र भी पेड बंदोबस्त ले रही है। पुलिस बल की मौजुदगी के कारण मनपा व नासुप्र का तोड़ू दस्ता निर्णायक कार्रवाई कर रहा है।

जरूरत पड़ने पर पेड बंदोबस्त भी लेंगे

हम पूरीतरह महावितरण के कर्मचारियों के साथ हैै। कर्मचारियों का मनोबल किसी सूरत में कम नहीं होने देंगे। पुलिस विभाग से कार्रवाई के दौरान जवान उपलब्ध कराने की गुजारिश करेंगे। गुजारिश से काम नहीं हुआ तो पेड (शुल्क भरकर) बंदोबस्त लेंगे। हालात को देखकर काम होगा। जहां पुलिस बंदोबस्त जरूरी है, वहां जरूर लेंगे। महल, गांधीबाग व सिविल लाइन्स ऐसे तीन विभागों से बिल की बकाया वसूली करना प्राथमिकता है।
-दिलीप घुगल, प्रभारी प्रादेशिक संचालक व मुख्य अभियंता महावितरण नागपुर. 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।