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संतोष आंबेकर आईसीयू से ‘बंदी वार्ड’ शिफ्ट, बढ़ सकती है पुलिस रिमांड

संतोष आंबेकर आईसीयू से ‘बंदी वार्ड’ शिफ्ट, बढ़ सकती है पुलिस रिमांड

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  बदमाश संतोष आंबेकर को मेडिकल अस्पताल के आईसीयू कक्ष से गुरुवार को बाहर निकाल दिया गया। उसे अब अस्पताल में बने बंदी वार्ड-36 में शिफ्ट कर दिया गया है। आरोपी संतोष आंबेकर को चक्कर आने पर पुलिस द्वारा उसे मेडिकल अस्पताल में जांच के लिए लाने पर सीधा आईसीयू कक्ष में भर्ती कर दिया गया था। उसके बाद उसकी सभी तरह की जांच कराई गई। गुरुवार को आरोपी संतोष आंबेकर की जांच रिपोर्ट नार्मल आने पर उसे अस्पताल के बंदी वार्ड में भेज दिया गया है।

पुन: रिमांड मांग सकती है पुलिस
आरोपी आंबेकर की शुक्रवार को पुलिस रिमांड की समयावधि भी समाप्त हो रही है। पुलिस उसका दोबारा पुलिस रिमांड मांगने वाली है। आरोपी आंबेकर से पुलिस को कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। संतोष आंबेकर के भांजे नीलेश केदार को भी गिरफ्तार किया गया है। केदार को भी पुलिस शुक्रवार को न्यायालय के समक्ष दोबारा पेश करने वाली है। 

गुजरात के व्यापारी जिगरभाई पटेल के साथ 5 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के  आरोप में गिरफ्तार किए गए संतोष आंबेकर को गत दिनों चक्कर आने की शिकायत करने पर पुलिस ने उसे मेडिकल अस्पताल ले गई। मेडिकल अस्पताल के डॉक्टरों ने उसकी प्राथमिक जांच के बाद उसे आईसीयू कक्ष में भर्ती करने का आदेश दिया। संतोष आंबेकर की एमआरआई रिपोर्ट नॉर्मल आने के कारण उसका उपचार शुरू रहने की बात को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। 

बंदी वार्ड में भी हथियार बंद जवान तैनात
संतोष को पुलिस ने न्यायालय में पेश करने ले गई तब वह करीब आधा किलोमीटर तक पैदल चला और न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस रिमांड के दौरान उसने चक्कर आने की बात पुलिस को बताई। पुलिस उसे मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंची तो उसे सीधा आईसीयू कक्ष में भेज दिया गया। पुलिस को इस कक्ष के बाहर तगड़ा बंदोबस्त लगाना पड़ा। अब उसे बंदी वार्ड में रखा गया है। इस वार्ड में भी हथियार बंद पुलिस जवानों को तैनात रखा गया है।

हवाला कारोबारियों से पूछताछ जारी
प्रकरण में पुलिस ने अजय पटेल, मलाड मुंबई और सूरज पटेल (अंकलेश्वर) से कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस इन दोनों का बयान ले रही है। आंबेकर पुलिस रिमांड के दौरान चुप्पी साधे हुए था। चर्चा है कि, उसने चक्कर आने का नाटक किया, जिसके चलते पुलिस उसे मेडिकल अस्पताल में लेकर पहुंची। तीन दिनों से वह मेडिकल अस्पताल में उपचार करा रहा है। 

रमेश पाटील की तलाश में पुलिस नाशिक रवाना
सूत्रों की मानें तो धोखाधड़ी का मास्टर माइंड  रमेश पाटील, नाशिक निवासी भूमिगत हो गया है। उसकी खोजबीन के लिए अपराध शाखा पुलिस विभाग के चार दस्ते बनाए गए हैं। यह दस्ते आरोपी रमेश पाटील की तलाश में नासिक के लिए रवाना हो चुके हैं। आरोपी रमेश पाटील की गिरफ्तारी होने के बाद इस प्रकरण से कई राज खुलकर सामने आ जाएंगे। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।