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संतोष आंबेकर का खास सर्राफा व्यापारी 'राजा' गिरफ्तार, LCB ने की कार्रवाई

संतोष आंबेकर का खास सर्राफा व्यापारी 'राजा' गिरफ्तार, LCB ने की कार्रवाई

डिजिटल डेस्क, नागपुर। ठगी के आरोप में गिरफ्तार बदमाश संतोष आंबेकर के साथियों की धरपकड़ जारी है। इसका साथ देने वाले लोगों को पुलिस ढूंढ़ रही है। अपराध शाखा पुलिस ने आंबेकर के खास मित्र व सराफा व्यापारी राजा उर्फ राजेंद्र अरमरकर (45) को गिरफ्तार किया है। धरमपेठ के खरे टाउन निवासी राजा अरमरकर इतवारी के सराफा ओली में अरमरकर ज्वेलर्स का संचालक है। राजा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी इतवारी स्थित दुकान और खरे टाउन स्थित मकान की तलाशी ली।

जांच में लेन-देन से जुड़े और प्रापर्टी के दस्तावेज मिले हैं। हाल ही में संतोष ने अपने घर के बगल में साढ़े 5 करोड़ की जमीन का सौदा किया है। इसमें राजा की मध्यस्थता होने की बात पता चली है। पुलिस अधिकारियों ने इसी मामले में पूरा ध्यान केंद्रित करने को कहा है। रमेश पाटील अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। मुंबई से और भी गिरफ्तारी हो सकती है। अकोला के भी एक व्यक्ति का नाम सामने आया है। जल्द ही संतोष के खिलाफ 2 और शिकायतें आ सकती हैं।

महिला मित्र की गिरफ्तारी से मुंबई में खलबली 

गुजरात के व्यापारी जिगर पटेल के साथ की गई धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने संतोष को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान पता चला कि कई लोग संतोष की काली कमाई को विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने में मददगार थे। इसी जानकारी के आधार पर संतोष की मुंबई की महिला मित्र  जूही चौधरी और उसके पति चंदन उर्फ भैयाभाई चौधरी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्र बताते हैं कि राजा अरमरकर शहर में आंबेकर का सबसे बड़ा हमदर्द है। उसके पास सबसे ज्यादा जानकारी है। संतोष और राजा के बीच बड़े पैमाने पर लेन-देन होता था। इसीलिए उसे गिरफ्तार किया गया है।  राजा ने ही संतोष को हवाला चैनल सेट करके दिया था और गुजरात के कई व्यापारियों से जान पहचान में मदद की थी। 

थाने में कई हिमायती

संतोष आंबेकर के खिलाफ लकड़गंज थाने में अपने बेटे की महिला मित्र के साथ दुष्कर्म करने का मामला भी दर्ज किया गया है। यह महिला अब डॉक्टर बन चुकी है। 23 वर्षीय इस महिला डॉक्टर का आरोप है कि जब वह 15 साल की थी तब संतोष आंबेकर ने  उसकी मदद के नाम पर उससे जबरन दुष्कर्म किया। बाद में उसे ब्लैकमेल कर करीब 8 साल तक उसका शोषण करता रहा। संतोष आंबेकर के भय से वह पुलिस से कभी मदद नहीं मांगी। चर्चा है कि शहर के कुछ थानों में आंबेकर के कई पुलिस मित्र भी हैं, जो उस तक हर खबर पहुंचाते थे। लकड़गंज व तहसील थाने में कई ऐसे हिमायती हैं, जो उस तक खबर पहुंचाने की फीस लिया करते थे। 

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