comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

हाथों में हथकड़ी के साथ आंबेकर आईसीयू में , वार्ड के अंदर और बाहर कड़ा पहरा

हाथों में हथकड़ी के साथ आंबेकर आईसीयू में , वार्ड के अंदर और बाहर कड़ा पहरा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। चक्कर आने पर बदमाश  संतोष शशिकांत आंबेकर (49) को मेडिकल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है। वह वार्ड नंबर 24 में है जहां गंभीर मरीजों को रखा जाता है। आंबेकर को इस वार्ड में रेफर किए जाने पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस वार्ड में आंबेकर से किसी को मिलने की अनुमति नहीं है। इसके चलते वार्ड के अंदर और बाहर पुलिस का तगड़ा बंदोबस्त है। 

मेडिकल अस्पताल में प्रिजन वार्ड अलग से बना है। इस वार्ड में पुलिस की हिरासत में रहने वाले आरोपियों और कैदियों के लिए उपचार कराने की व्यवस्था है। आरोपी संतोष आंबेकर को चक्कर आने पर किसने मेडिकल के आईसीयू में रेफर करने का आदेश दिया है इस संबंध में मेडिकल के अधिकारी- कर्मचारी कुछ बताने को तैयार नहीं है। बता दें कि नागपुर के मेडिकल अस्पताल में कई बार मरीजों को आईसीयू की जरूरत होने के बाद भी उन्हें यहां जगह नहीं मिल पाती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुजरात के  व्यापारी जिगरभाई पटेल के साथ ठगी के आरोप में इतवारी के सुदर्शन चौक निवासी संतोष आंबेकर को अपराध शाखा पुलिस विभाग ने गत 13 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। न्यायालय में पेशी के समय वह काफी दूर तक पैदल चलकर गया था।

न्यायालय ने उसे 18 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। 15 अक्टूबर की शाम करीब 4 बजे आंबेकर ने चक्कर आने की बात पुलिस को बताई। पुलिस उसे मेडिकल अस्पताल ले गई जहां उसका ईसीजी किया गया। बाद में उसे आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। आंबेकर का आईसीयू में कार्नर के पलंग पर उपचार चल रहा है। हालांकि सूत्रों ने बताया कि संतोष को आईसीयू में रखा जरूर गया है, लेकिन उसे किसी तरह की सलाइन या मॉस्क नहीं लगाया गया है। एहतियातन उसके हाथों में हथकड़ी भी लगाई गई है।

जानकारों की मानें तो आईसीयू वार्ड में गंभीर रोगों के मरीजों को भर्ती किया जाता है। इधर, संतोष आंबेकर का दाहिना हाथ कहा जाने वाला उसका भांजा नीलेश ज्ञानेश्वर केदार (34) निवासी इतवारी हाईस्कूल दारोडकर चौक  को भी अपराध शाखा पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।  नीलेश 18 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर है। उसने अभी तक अपना मुंह नहीं खोला है। उसके मामा संतोष आंबेकर के गिरफ्तार किए जाने के दो दिन बाद ही अपराध शाखा पुलिस ने नीलेश को धरदबोचा था। उस समय पुलिस सूत्रों ने बताया था कि शैलेश केदार काे गिरफ्तार किया गया है। अब पुलिस ने बताया कि वह शैलेश नहीं, बल्कि आरोपी नीलेश केदार है। नीलेश पर आरोप है कि जब जिगरभाई पटेल नागपुर में मुंबई की प्रापर्टी की खरीदारी के सिलसिले में बातचीत करने आया था। तब संतोष आंबेकर ने एक आलीशान होटल में पार्टी की व्यवस्था की थी। मुंबई के लोगों ने जब संतोष आंबेकर का जिगरभाई पटेल को परिचय दिया था, तब पटेल को बताया गया था कि आंबेकर प्रापर्टी की खरीदी- बिक्री के कारोबार से जुड़ा है।

आखिर कौनसी जमीन के दिए थे फर्जी दस्तावेज 

गुजरात के व्यापारी जिगरभाई पटेल काे मुंबई में जगह बेचने के नाम पर 5 करोड़ रुपए लेकर फर्जी दस्तावेज देकर धोखाधड़ी करने वाले संतोष आंबेकर और उसके भांजे नीलेश केदार से पुलिस यह पूछताछ करने में जुट गई है कि आखिर इन आरोपियों ने जिस जमीन के फर्जी दस्तावेज दिए थे, वह जमीन आखिर किसकी है। बता दें िक संतोष और उसके भांजे नीलेश पर धारा 420,467,468,471,384,506(2),34 के तहत प्रकरण दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकरण को पुलिस आयुक्त डा भूषणकुमार उपाध्याय ने काफी गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस के अलग- अलग दस्ते तैयार किए गए हैं। हर दस्ते को अलग- अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। दस्तों को एक-दूसरे के कार्य के बारे में जानकारी नहीं है। यह दस्ते संबंधित अधिकारियों को पल- पल की जानकारी दे रहे हैं। 
 

कमेंट करें
OJFl6
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।