गोंदिया : होगा मुकाबला, तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे चुनाव

December 8th, 2021

डिजिटल डेस्क, गोंदिया। जिले में जिप की 53 एवं उसके अंतर्गत आने वाली पंस की 106 सीटों के 21 दिसंबर को चुनाव होने जा रहे हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को झटका देते हुए स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले पर रोक लगा दी है। जिसकी वजह से ओबीसी प्रवर्ग की जिप सीटों में से 10 सीटें कम हुई है। वहीं पंस की 106 सीटों में से 20 सीटों के कम होने से अब जिप की 43 और पंस की 86 सीटों के लिए मतदान होगा। गोंदिया जिला परिषद एवं इसके अंतर्गत आने वाली 8 पंचायत समितियों के चुनाव की प्रक्रिया 1 दिसंबर से शुरू हो गई थी। नामाकंन की अंतिम तिथि 6 दिसंबर थी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ओबीसी आरक्षण के संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी अध्यादेश पर स्थगिति दिए जाने के बाद जिले में यह चर्चा फैल गई थी कि, न्यायालय के आदेश से अब आम चुनाव रद्द हो गए हैं, लेकिन राज्य चुनाव आयोग ने 7 दिसंबर को एक परिपत्रक जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में यह आदेश दिया है कि, इन चुनावों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सर्वसाधारण वर्ग की सीटों पर चुनाव प्रक्रिया पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार ही जारी रखी जाए। जिसके बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि, ओबीसी के लिए आरक्षित जिप की 10 सीटों को छोड़कर अन्य सभी स्थानों पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही चुनाव होगे। जिसके अनुसार 7 दिसंबर को जिप, पंस के नामांकन पत्रों की जांच का काम गोंदिया सहित अन्य तहसील मुख्यालयों में भी निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख में किया गया। समाचार लिखे जाने तक यह प्रक्रिया जारी थी। राज्य चुनाव आयोग की ओर से 7 दिसंबर को इस संदर्भ में राज्य के सभी जिलाधिकारियों को यह आदेश दिए गए हैं कि, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित रिक्त स्थानों के चुनाव अथवा उपचुनाव की प्रक्रिया जिस स्तर पर पहुंची है, उसी स्तर पर स्थगित की जा रही है। जिसके अनुसार संबंधितों को कार्रवाई कर उसका अहवाल तत्काल राज्य निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत करना है। ओबीसी वर्ग के स्थानों के स्थगित चुनाव के विषय में सर्वोच्च न्यायालय के अगले आदेश के बाद आवश्यक कार्रवाई करने के विषय में सूचना दी जाएगी। उक्त आदेश पर राज्य निर्वाचन आयोग के उपायुक्त अविनाश सनस के हस्ताक्षर हैं।