दैनिक भास्कर हिंदी: सातवें वेतनमान पर मनपा असमंजस में, स्पष्ट नहीं कर पा रही नीति

August 30th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सातवें वेतनमान पर मनपा प्रशासन ने यू-टर्न तो ले लिया, लेकिन खुद मझधार में है।  सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के  अनुसार वेतन देने पर  स्थगन का आदेश जारी करने के बाद अगले ही दिन गुरुवार को इस पर रोक का पत्र जारी किया। अब सितंबर में मनपा कर्मचारियों को वेतन सातवें वेतनमान अनुसार मिलेगा, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है।   

ऊहापोह की स्थिति

मनपा के अतिरिक्त आयुक्त व मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी अजिज शेख ने कहा कि छठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सितंबर में वेतन देने के पत्र पर स्थगन लगाया है। हम कोशिश करेंगे कि सितंबर का वेतन देने से पहले सरकार से मंजूरी मिल जाए। अगर सरकार से मंजूरी नहीं मिलती है तो मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर से चर्चा कर कोई रास्ता निकाला जाएगा। लेकिन अभी यह नहीं कह सकते हंै कि वेतन सातवें वेतनमान या किस आधार पर देंगे। सितंबर में  सातवें वेतनमान अनुसार वेतन मिलने की कोई गारंटी नहीं है। 

कर्मचारी संगठनों में जबर्दस्त रोष 

मनपा सभागृह में अपने नियमित कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षकों को अगस्त इन पेड सितंबर का वेतन सातवें वेतनमान अनुसार देने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद प्रस्ताव को मंजूरी के लिए सरकार को भेजा गया। सरकार से अब तक मंजूरी नहीं मिलने पर बुधवार 28 अगस्त को सितंबर में वेतन छठवें वेतनमान अनुसार देने का निर्णय लिया। इसे लेकर कर्मचारी संगठनों में जबर्दस्त रोष रहा। बुधवार को सातवें वेतनमान लागू करने पर स्थगन आदेश जारी करने के बाद बुधवार शाम को मनपा कर्मचारी संगठन के नेता राजेश हाथीबेड के नेतृत्व में करीब 300 कर्मचारियों ने मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी से मिलकर दबाव बनाने की कोशिश की। 

सड़कों पर उतरने की चेतावनी  

कर्मचारियों ने सीधी चेतावनी दी कि अगर सितंबर में सातवां वेतनमान नहीं मिलता है तो सभी कर्मचारी सड़कों पर उतर आएंगे। भले वेतन 15 दिन विलंब से दें, लेकिन सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के हिसाब से दें। इसके बाद सत्तापक्ष से भी प्रशासन पर दबाव बनाने की खबर है। लगातार दबाव के बाद आखिरकार मनपा प्रशासन द्वारा देर रात ही नया आदेश जारी कर बुधवार के आदेश पर स्थगन लगा दिया। लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि अगस्त इन पेड सितंबर में वेतन सातवें वेतनमान अनुसार होगा या नहीं? अतिरिक्त आयुक्त अजिज शेख भी इस पर साफ बोलने से बचते दिखे।

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