comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

हनी सिंह को मिली विदेश जाने की अनुमति, व्यापारी ने की थी अश्लील गाना गाने की शिकायत

हनी सिंह को मिली विदेश जाने की अनुमति, व्यापारी ने की थी अश्लील गाना गाने की शिकायत

डिजिटल डेस्क, नागपुर । नागपुर सत्र न्यायालय ने गायक हनी सिंह को विदेश जाने की अनुमति प्रदान कर दी। अनुमति मिलने के बाद हनी सिंह अब 30 नवंबर तक थाईलैंड, हांगकांग, चाइना और दुबई जा सकेंगे। बता दें कि, कुछ वर्ष पूर्व व्यवसायी आनंदपाल सिंह जब्बल ने हनी सिंह और अन्य के खिलाफ पिछले वर्ष शहर के पांचपावली पुलिस थाने में शिकायत की थी। आरोप था कि, हनी सिंह अश्लील गाने गाते हैं। इसमें हनी सिंह और बादशाह के खिलाफ पुलिस ने आईटी एक्ट 67, 67-अ के तहत एफआईआर दर्ज की थी। हनी सिंह को सशर्त अग्रिम जमानत दी गई थी। शर्तों के मुताबिक वे बगैर कोर्ट को जानकारी दिए विदेश नहीं जा सकते थे, तब  हनी सिंह ने न्यायालय की शरण ली थी।  कोर्ट ने उन्हें यात्रा की सारी पुख्ता जानकारी और संपर्क जमा करने के आदेश देकर विदेश जाने की अनुमति दी। याचिकाकर्ता की ओर से एड. अतुल पांडे, एड. आशीष किल्लेदार और एड. अतुल जोशी ने पक्ष रखा। 

सांख्यिकी विभाग से 3 अधिकारियों की छुट्टी

सरकार ने फंडामेंटल रूल 56 का इस्तेमाल करते हुए केंद्रीय सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के तीन अधिकारियों को नौकरी से हटा दिया है। इनमें एक अधिकारी नागपुर में पदस्थ है। जिन अधिकारियों को नौकरी से हटाया गया, उनमें सूरज पासवान (वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी नागपुर), कुल बहादुर चेत्री (वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी चैतपुर) व एस. सतीश (वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी कोची) शामिल हैं। रूल के तहत अथॉरिटी को अधिकार है कि, वह सरकारी मुलाजिम को नौकरी से निकाल सकता है। इसके पहले सरकार इस रूल-56 का इस्तेमाल कर इन्कम टैक्स, सेंट्रल जीएसटी के अधिकारियों को नौकरी से निकाल चुकी है। सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के अंडर सचिव के. सरस्वति की तरफ से यह आदेश जारी किया गया है।  सरकार ग्रुप ए व बी श्रेणी के अधिकारियों को 50 साल की आयु के बाद व ग्रुप सी व डी श्रेणी के कर्मचारियों को 55 साल की आयु के बाद रूल-56 का इस्तेमाल कर सेवा से बाहर कर सकती है। 

कमेंट करें
vY5Re
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।