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1000 फुटेज से 300 मामलों का पर्दाफाश , कंट्रोल रूम शुरू होते ही 24 घंटे होगी निगरानी 

1000 फुटेज से 300 मामलों का पर्दाफाश , कंट्रोल रूम शुरू होते ही 24 घंटे होगी निगरानी 

डिजिटल डेस्क, नागपुर। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत शहर में करीब 4 हजार सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, नागपुर शहर में पिछले एक साल इन कैमरों की मदद से करीब 300 मामले उजागर हुए। कई शातिर अपराधी और उनके गिरोह का पर्दाफाश हुआ। अपराध शाखा पुलिस विभाग इन कैमरों की ही सहायता से हत्या के चार बड़े मामले उजागर कर पाने में कामयाब हुई। यह दावा अपराध शाखा पुलिस विभाग के उपायुक्त गजानन राजमाने ने किया है। उनका कहना है कि गांधीसागर तालाब में 7 टुकड़े कर एक अज्ञात व्यक्ति का फेंका गया शव, कामठी रोड पर कुएं में फेंकी गई कुल्फी विक्रेता की लाश, कलमना में अज्ञात व्यक्ति की पहचान करने में अपराध शाखा पुलिस के लिए सीसीटीवी कैमरे मददगार बने थे। नागपुर में ई-चालान को इससे लाभ मिल रहा है। बता दें कि शहर में तकरीबन 7 हजार कैमरे लगने वाले हैं। 

आपराधिक तत्वों में बन रहा भय

उल्लेखनीय है कि अकेले शहर के रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे कई अपराधियों को पकड़ने में काफी सहायक हुए हैं। रेलवे स्टेशन सहित चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस जहां नियम कानून का उल्लंघन करने वालों को दबोच रही है वहीं पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार होने वालों को पकड़ने में भी आसानी हो रही है। सीसीटीवी कैमरे लगने से आपराधिक तत्वों में भय भी निर्माण हो रहा है और वे कुछ भी गलत हरकत करने के पहले अंजाम की परवाह कर रहे हैं।

काफी मदद मिल रही है

जल्द ही पुलिस का कमान कंट्रोल सेंटर शुरू हो जाएगा। इससे शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों पर पुलिस 24 घंटे निगरानी रख सकेगी। यह पुलिस के लिए सीसीटीवी कैमरे का कंट्रोल रूम रहेगा। फिलहाज जरूरत पड़ने पर पुलिस को अटल बिहारी वाजपेयी सिटी ऑपरेशन सेंटर में जाकर सीसीटीवी फुटेज लेकर आगे की जांच पड़ताल करते हैं।  -  गजानन राजमाने, पुलिस उपायुक्त, अपराध शाखा पुलिस विभाग, नागपुर

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