दैनिक भास्कर हिंदी: आंगनवाड़ी सेविकाओं को दिए जाएंगे स्मार्ट फोन, योजनाओं पर रखी जाएगी नजर

August 30th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना अंतर्गत बच्चों  को स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाली आंगनवाड़ियों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। इसे अमलीजामा पहनाने के लिए केंद्र सरकार पोषण अभियान चलाने जा रही है। राज्य में इस अभियान की शीघ्र शुरूआत होगी। आंगनवाड़ियों में बालक, स्तनपान कराने वाली तथा गर्भवती माता और किशाेर उम्र की लड़कियों के लिए चलायी जाने वाली विविध योजनाअाें पर नजर रखने के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं को सिम कार्ड, डाटा प्लान के साथ स्मार्ट फोन दिए जाएंगे। 

बालकों का 1000 दिन विशेष ध्यान
पोषण अभियान अंतर्गत बच्चे का जन्म होने के बाद 1000 दिन उसके पोषण तथा स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। 6 वर्ष की आयु तक के बच्चों का शारीरिक विकास, कुपोषण कम करने, बालकों में रक्तक्षय की शिकायत, बच्चों के जन्मजात कम वजन की समस्या, 15 वर्ष की किशोरियों तथा महिलाओं में रक्तक्षय आदि समस्याओं का निवारण जाएगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए 3 वर्ष समय सीमा निश्चित की गई है।

साथ ही आगामी 3 वर्ष में आंगनवाड़ियों की इमारतों का निर्माण, बालकों को पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने, शौचालय की सुविधा, विद्युतीकरण के लिए सौर ऊर्जा, पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता में सुधार, प्रभावी स्वास्थ्य सेवा, प्रसूति पूर्व और प्रसूति पश्चात स्वास्थ्य जांच, बालकों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, टीकाकरण, संदर्भ सेवा, स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन आदि सेवाओं पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस लक्ष्य को पूरा करने की दृष्टि से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अभिसरण समिति की स्थापना की जाएगी। अभियान पर जिले में अमल के लिए अगले सप्ताह जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक बुलाई जाएगी। 

इनका रहेगा समिति में समावेश
जिलाधकारी की अध्यक्षता में स्थापिन की जाने वाली अभिसरण समिति में जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी, महिला व बाल विकास अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शल्य चिकित्सा अधिकारी, जिला नियोजन अधिकारी, स्थानीय स्वराज संस्था प्रतिनिधि, नागरी आपूर्ति विभाग के अधिकारी, केंद्र सरकार को खाद्य व पोषण आहार मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी का समावेश रहेगा। 

मिलेगा 4-जी नेटवर्क डाटा प्लान 
सेविकाओं को सीम कार्ड, फोर-जी नेटवर्क डाटा प्लान के साथ एंड्रायड मोबाइल देकर आंगनवाड़ियों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों में बालकों के आधार कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए मुख्य सेविकाओं को प्रशिक्षित किया गया है। उन्हें टैब देकर बालकों के आधार कार्ड बनाने की जिम्मेदार दी जा रही है। हर महीने ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा पोषण दिवस और समूह आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 2423 और शहर में 981 आंगनवाड़ियां हैं। सभी आंगनवाड़ियों में पोषण अभियान चलाया जाएगा।