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कृषि मंडी में सोशल डिस्टेसिंग की उड़ी धज्जियां -मंडी अधिकारियों ने दोपहर बाद ली सुध

कृषि मंडी में सोशल डिस्टेसिंग की उड़ी धज्जियां -मंडी अधिकारियों ने दोपहर बाद ली सुध

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा । कृषि उपज मंडी में सोमवार को अचानक किसानों और व्यापारियों की भीड़ बढ़ गई। आलम यह था कि सुबह तकरीबन 11 बजे के आसपास ही मंडी परिसर में सैकड़ों किसान, व्यापारी, हमाल एक ही परिसर में  आ गए। 
किसानों की संख्या बढऩे के कारण क्रय-विक्रय तो चल रहा था लेकिन कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बनाई गई गाइड लाइन का पालन नहीं किया गया। यहां पर बहुत से किसान थे जो मास्क नहीं पहने हुए थे और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे थे। दोपहर तक कृषि उपज मंडी में यही हाल बने थे बाद में मंडी अधिकारियों ने सुध ली और दो चरणों में क्रय-विक्रय की प्रक्रिया कराई। 17 मई को लॉकडाउन खत्म होने के भ्रम में बड़ी संख्या में किसान अनाज लेकर पहुंच गए थे। वहीं दो दिनों तक मंडी बंद होने के कारण सोमवार को ज्यादा भीड़ बढ़ गई थी। 
लापरवाही न पड़ जाए भारी 
कृषि उपज मंडी में सोमवार को भीड़-भाड़ का नजारा देखा गया। इस दौरान जिस प्रकार की लापरवाहीं बरती जा रही थी वह भविष्य में कष्टदायी हो सकती है। दरअसल देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मरीजों के आंकड़ों से भले ही जिला अछूता है लेकिन अब भी सोशल डिस्टेंसिंग और गाइड लाइन का पालन करना जरुरी होगा।
530 से ज्यादा किसानों   ने बेची उपज 
सोमवार को कृषि उपज मंडी परिसर में अनुबंध पत्र के जरिए और सौदा पत्रक से 530 किसानों ने अपनी उपज बेची है। 329 किसानों ने अनुबंध पत्रक के जरिए और 201 किसानों ने सौदा पत्रक के जरिए अपनी उपज बेची। यहां पर 7067 क्विंटल मक्का अनुबंध पत्रक से और 16986 क्विंटल सौदा पत्रक के जरिए बिका। वहीं 4580 क्विंटल गेहूं अनुबंध पत्रक और 78 क्विंटल गेहूं सौदा पत्रक के जरिए बिका।
मुख्य गेट के बाहर ही रोके वाहन 
कृषि उपज मंडी के मुख्य गेट के बाहर ही वाहनों को रोक दिया गया था। कृषि उपज मंडी के अमले को जब मंडी परिसर में ज्यादा भीड़ को बढ़ता देख मुख्य गेट के पास ही वाहनों को प्रवेश करने से रोक दिया गया जिसके कारण सड़क पर वाहनों की लंबी लाइन लगाई गई। यहां पर सौदा पत्रक के जरिए क्रय-विक्रय की प्रक्रिया हुई।

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