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फूलों की बारिश के बीच महिला दही हांडी, संगीतमय कार्यक्रम में झूमे श्रोता

फूलों की बारिश के बीच महिला दही हांडी, संगीतमय कार्यक्रम में झूमे श्रोता

डिजिटल डेस्क, नागपुर। एक समय था, जब महिलाओं का क्षेत्र घर के किचन तक ही सीमित था, लेकिन अब महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपना परचम लहराया है। शहर में होने वाले जन्माष्टमी महोत्सव में पिछले 6 वर्ष से महिलाओं की दही हांडी का आयोजन किया जा रहा है। महिलाओं का पिरामिड दही हांडी फोड़ता है। इतवारा नवयुवक मंडल की ओर से आयोजित इस दही हांडी को देखने के लिए हजारों की संख्या में भीड़ होती है। संयोजक संजय खुले ने बताया कि, दही हांडी के लिए महिला टीम और पुरुष टीम के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन महिलाओं की दही हांडी में विशेष व्यवस्था होती है। दही हांडी के लिए महिलाओं की टीम 1 माह पहले प्रैक्टिस शुरू कर  देती है। दही हांडी की हाइट 20 फुट तक रखी जाती है। फूलों की बारिश के साथ महिलाओं की दही हांडी का नजारा देखने लाखों लोग उमड़ते हैं। साथ ही दही हांडी के लिए इन्हें सेफ्टी भी दी जाती है। श्री खुले ने बताया कि, पूरे विदर्भ से सिर्फ नागपुर शहर में ही महिलाओं की दही हांडी का आयाेजन किया जाता है। इतवारा नवयुवक मंडल द्वारा पिछले 38 वर्षो से दही हांडी का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन महिलाओं की दही हांडी पिछले 6 वर्षो से आयोजित की जा रही है। जिसमें हर वर्ष 3-4 ग्रुप शामिल होते हैं। दही हांडी में पुरुष टीम के लिए पिरामिड पर पानी डाला जाता है, लेकिन महिलाओं के पानी की नहीं, फूलों की बारिश के साथ उनका उत्साहवर्धन किया जाता है। दही हांडी के लिए शहर से 4-5 टीम हिस्सा लेती हैं। जिसके लिए प्रैक्टिस 1 माह पहले से शुरू हो जाती है। सुबह-शाम 2 घंटे प्रैक्टिस की जाती है। महिलाओं की दही हांडी में 18 वर्ष की आयु से अधिक की महिलाएं भाग ले सकती हैं। सुरक्षा की दृष्टि से एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड की भी व्यवस्था की जाती है। यह व्यवस्था दोनों टीमों के लिए की जाती है। साथ ही डॉक्टर्स की टीम भी वहां मौजूद रहती है। दही हांडी मे सेफ्टी के लिए हेलमेट किट भी दी जाती है। नियमानुसार दही हांडी की हाइट 20 फुट तक होती है। महिलाओं की दही हांडी का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। 

"यादें फिर रफी' संगीतमय कार्यक्रम में झूमे श्रोता

उधर लकी म्यूजिकल एंटरटेनमेंट की ओर से आयोजित "यादें फिर रफी' रंगारंग कार्यक्रम में गायक कलाकारों शानदार प्रस्तुति देकर  मोहम्मद रफी को याद किया। कार्यक्रम का आयोजन मो. रफी कल्चर ऑर्गनाइजेशन व आगाज फाउंडेशन ने किया। कार्यक्रम की संकल्पना मो. मुनाफ की थी। प्रमुख अतिथि के रूप में सह-पुलिस आयुक्त रवींद्र कदम उपस्थित थे। इस अवसर पर गरीब बच्चों की शिक्षा व पुनर्वसन के लिए कार्य करने वाली युवा सामाजिक कार्यकर्ता प्रीति दास का उत्कृष्ट समाजसेवी पुरस्कार प्रदान कर सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नितीन झाडे के गीत तू इस तरह से मेरी... गाने से हुई। उपरांत जब भी ये दिल उदास होता है..., वादियां मेरा दामन..., चलो रे डोली उठाओ कहार...फूलों का तारों का...' आदि गीतों की प्रस्तुति ने समा बांध दिया। कार्यक्रम का समापन "ये देश है वीर जवानों का...' देशभक्ती गीत से मो. मुनाफ और मो. सलीम ने किया। 


‘चंद्र तोच आहे, रात तीच आहे

इसके अलावा गजल गायक भीमराव पांचाले ने सुरेश भट की इस गजल के साथ अन्य गजलों की प्रस्तुति से पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गंूज उठा। माध्यम लोकसेवा प्रतिष्ठान व दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मराठी गजल गायन का भावरम्य अविष्कार ‘शब्द सुरांची भावयात्रा’ रेशमबाग स्थित कविवर्य सुरेश भट सभागृह में अायोजित किया गया। इस अवसर पर गजल गायक भीमराव पांचाले ने विभिन्न गजलें प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम का आयोजन विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए किया गया था।  कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त भूषण कुमार उपाध्याय, दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के  संचालक डॉ. दीपक खिरवडकर, वरिष्ठ पत्रकार शैलेश पांडे, विधायक अनिल सोले, उपेंद्र कोठेकर, प्रवीण दटके व मोहन मते उपस्थित थे। इस अवसर पर भारतीय दिव्यांग क्रिकेट संघ के खिलाड़ी गुरुदास राऊत का सम्मान किया गया।

इन गजलों की दी प्रस्तुति

भीमराव पांचाले ने इलाही जमादार की यांची अंदाज आरशाचा वाटे खरा असावा, बहुतेक माणसाचा तो चेहरा असावा। संगीता जोशी की जीवनाला दान द्यावे लागते, श्वास संपेतो जगावे लागते। वा.न.सरदेसाई की हे का कुणी फुलांना सांगायला हवे, त्यांनी कसे ऋतूंशी वागायला हवे। इलाही व दीपक की ऐ सनम आखों को मेरी खूबसूरत साज दे, येउनी स्वप्नात माझ्या एकदा आवाज दे आदि गजलें प्रस्तुत की। संवादिनी पर  सुधाकर आंबुस्कर, सितार पर  नासिर खान, गिटार पर संदीप कपूर, बांसुरी पर  प्रशांत अग्निहोत्री, तबला पर  देवेंद्र यादव ने संगत की। निवेदन किशाेर बली तथा  संचालन आभा मुले ने किया।

‘हरित सावन उत्सव’ मनाया

रामटेक में स्थानीय आस्था सहेली मंच के तत्वावधान में ‘हरित सावन उत्सव’ का आयोजन किया गया। जिसमें नगर की अनेक महिलाएं सहभागी हुईं। विविध स्पर्धाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में वेशभूषा स्पर्धा, वाद-विवाद स्पर्धा, प्रश्नोत्तर जैसी विविध स्पर्धाएं ली गई। दो माह पूर्व सर्वाधिक शुभेच्छा पत्र लिखकर विश्व रिकार्ड बनाने वाली डा. अंशुजा किंमतकर का आस्था सहेली मंच, रामटेक की ओर से सत्कार किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रेवतीताई तुमाने ने की। स्पर्धाओं की निरीक्षक  के रूप में डा. अंशुजा किंमतकर और वैशाली लेंडे  उपस्थित थीं। विजेता स्पर्धकों में मंजेरी येरपुड़े प्रथम, खुशबू लेंडे द्वितीय और चारू टेकाले ने तृतीय स्थान प्राप्त करने पर उन्हें पुरस्कृत किया गया। संचालन मंच की अध्यक्ष नलिनी चौधरी ने किया। आभार मोना टक्कामोरे ने माना। कार्यक्रम में अनिता जयस्वाल, शीलाताई शर्मा, नलिनी चौधरी, रश्मि काठीकर, कांचन देशमुख, पल्लवी जयस्वाल, मोनालिसा टक्कामोरे, निधि टक्कामोरे, आभा चौधरी, लता बोपचे, शीतल काठीकर, मोना तुरक, जयश्री कविश्वर, वर्षा कस्तुरे, मंगला पोकले, पूजा धावडा, प्रीति धावडा, प्रियांका राजुरकर, मोहरेताई तथा आस्था सहेली मंच रामटेक की सभी सदस्य उपस्थित थीं।
 

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