दैनिक भास्कर हिंदी: रेलवे में चल रही थीं चोरी की कार, GRP ने ठेकेदारों से पूछा चोरी की गाड़ीयां कहां से आई

July 16th, 2018

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के आला अधिकारियों को लाने- ले जाने वाली गाड़ियों में चोरी की कारों का उपयोग किए जाने का गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। RPF ने जब्त की गई 5 कारों के बारे में रेलवे के ठेकेदारों बाबू खान और मो. शाहिद से पूछताछ की है और गाड़ियों के मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। RPF के एसआई आईएम बघेल ने रेलवे में अटैच होने वाली गाड़ियों के नाम पर चोरी की कारों का उपयोग किए जाने के मामले में दोनों ठेकेदारों और ड्राइवरों से सवाल-जवाब किए, जिसमें वो 14 विभागों में चल रहीं गाड़ियों के स्त्रोत से जुड़े सवालों के जवाब नहीं दे पाए।

वहीं इस मामले में रेलवे के अधिकारियों ने भी चुप्पी साध ली है। पुलिस और RPF के इस संयुक्त जांच अभियान से यह बात खुलकर सामने आ गई है कि यदि रेलवे जैसे बड़े महकमे में ठेकेदार चोरी की कारों का उपयोग कर रहे थे, तो इसकी जानकारी रेलवे के अधिकारियों को भी होगी, ऐसे में उनकी खामोशी कई तरह के सवाल पैदा कर रही है।

आरटीओ से ली जा रही कारों की डिटेल
RPF के एसआई श्री बघेल ने बताया कि एक इंडिगो कार की नम्बर प्लेट और आरसी डिटेल अलग पाई गई है, जिसे जब्त करने के बाद सिविल लाइंस थाने पहुंचा दिया गया है। इसके अलावा 4 और कारों को संदिग्ध हालत में जब्त करने की कार्रवाई की गई है। वाहनों के मूल दस्तावेज वाहन मालिकों से मंगवाए गए हैं, जिन्हें आरटीओ भेजकर उनका सत्यापन कराया जा रहा है। यदि दस्तावेजों में कुछ संदिग्ध पाया जाता है तो आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अपराध में संलग्न होने की आशंका
वहीं एएसपी क्राइम संदीप मिश्रा का कहना है कि चोरी की गाड़ियों को बहुत सोची समझी साजिश के तहत रेलवे में अटैच होने की संभावना दिखाई दे रही है। चोरी की कारों में जिस तरह से नम्बर प्लेट बदलकर धोखाधड़ी का खेल खेला जा रहा था। उसमें इस बात से इंंकार नहीं किया जा सकता है कि संभवत: इन कारों का उपयोग अपराध की गतिविधियों में भी हो सकता है। एक बार आआरटीओ से गाड़ियों के दस्तावेजों का सत्यापन हो जाने के बाद आगे की कार्रवाई की रणनीति तय की जाएगी।