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प्रसूता की मौत के जिम्मेदार लापरवाह दो डॉक्टर निलंबित, कमिश्नर ने की कार्रवाइ

प्रसूता की मौत के जिम्मेदार लापरवाह दो डॉक्टर निलंबित, कमिश्नर ने की कार्रवाइ



डिजिटल डेस्क शहडोल। जिला चिकित्सालय में तीन दिन पहले प्रसूता की मौत के मामले में चिकित्सकीय लापरवाही सामने आने पर कमिश्नर आरबी प्रजापति ने लारवाह दो डॉक्टरों को निलंबित कर दिया  है। वहीं दो चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही घटना के दिन ड्यूटी पर मौजूद तीन नर्सों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति निर्मित है।
   जिला चिकित्सालय के स्त्री रोग विशेषज्ञ  डॉ. डीके सिंह और चिकित्सक डॉ. रीना गौतम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं मेडिकल कॉलेज की सीनियर रेजीडेंट डॉ. क्षितिजा मणि और डॉ. शैलजा पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ग्राम खैरहा निवासी सुधा गुप्ता की 23 अक्टूबर को डिलेवरी के बाद जिला चिकित्सालय में मौत हो गई थी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। इस दौरान काफी संख्या में समाज के लोग हॉस्पिटल पहुंच गए थे। कलेक्टर के निर्देश पर घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश हुए थे। एसडीएम सोहागपुर धर्मेंद्र मिश्रा ने मामले की जांच की और शुक्रवार को रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी। कलेक्टर द्वारा प्रेषित प्रस्ताव के बाद यह कार्रवाई की गई है।
जांच रिपोर्ट में सामने आई लापरवाही-
जांच रिपोर्ट के अनुसार सुधा गुप्ता को प्रसूति के लिए 22 अक्टूबर को रात 12 बजे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। प्रसूता को सीवियर पेन होने व नार्मल डिलीवरी न हो पाने की स्थिति में डॉ रीना गौतम को फोन पर अगले दिन सुबह 8.30 बजे सूचित किया गया था, लेकिन डॉ. गौतम ने वस्तुस्थिति को गंभीरता से न लेते हुए अपने कार्य पर प्रात: 9.10 बजे उपस्थित होकर अन्य वार्डों में भ्रमण पर चली गई। वहीं सुबह करीब 9 बजे डॉ. डीके सिंह ने वार्ड भ्रमण के दौरान प्रसूता को देखा था। प्रसूता की स्थिति गंभीर होते हुए भी उन्होंने गहन परीक्षण नहीं किया और अन्य मरीजों के ऑपरेशन के लिए ओटी में चले गए। अंतत: प्रसूता की मौत हो गई।
तीन दिन के भीतर मांगा जवाब-
कमिश्नर ने मेडिकल कॉलेज शहडोल की सीनियर रेजीडेंट डॉ. क्षितिजा मणि  और डॉ. शैलजा पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि 22 अक्टूबर की रात्रि 8 बजे से 23 अक्टूबर को प्रात: 8.00 बजे तक दोनों चिकित्सक हॉस्पिटल में ड्यूटी पर थीं। सुधा गुप्ता की डिलीवरी एवं उसकी स्थिति के बारे में एक सीनियम रेजीडेंट डॉक्टर होते हुए भी आंकलन नहीं सक सकीं। दोनों से तीन दिन के भीतर डीन मेडिकल कॉलेज से माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामले में स्टाफ नर्स गीता महेश्वरी, सरोजनी करायत एवं सुनीता सिंह के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक करने के निर्देश भी कमिश्नर ने दिए हैं।

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