दैनिक भास्कर हिंदी: तेलंगाना-मध्यप्रदेश गडचिरोली को दें पानी छोड़ने की सूचना, तीनों राज्यों के सचिवों की बैठक में होगी चर्चा

June 14th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। तेलंगाना के मेडीगट्टा बांध से पानी छोड़ने और रोकने की पूर्व जानकारी महाराष्ट्र के गडचिरोली जिला प्रशासन को दी जानी चाहिए। जिससे सिंरोचा तहसील व गोदावरी नदी के किनारे स्थित गांवों में रहने वालों को समय पर सूचना दी जा सके और उन्हे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। गडचिरोली के पालक मंत्री एकनाथ शिंदे ने यह बात कही। शिंदे सोमवार को राज्य के जल संसाधन मंत्री जयंत पाटील की अध्यक्षता में गोसीखुर्द बांध के संभावित बाढ़ को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक मे हिस्सा ले रहे थे। शिंदे की मांग पर जलसंसाधन मंत्री पाटील ने कहा है कि तीनों राज्यों के सचिवों की होने वाली बैठक में यह मसला रखा जाएगा। 

पिछले साल अचानक पानी छोड़ने से गोसीखुर्द में पानी बढ़ गया था और विदर्भ में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी। इससे खेती को काफी नुकसान हुआ था। शिंदे ने कहा कि इस बार ऐसी परिस्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। शिंदे ने कहा कि मध्य प्रदेश के संजय सरोवर का पानी वैनगंगा, गोसीखुर्द में बढ़ने से गोसीखुर्द से पानी छोड़ना पड़ता है। इसकी वजह से वैनगंगा व प्राणहिता नदी के किनारे के गावों को नुकसान उठाना पड़ता है। गोसीखुर्द से पानी छोड़ने पर उसे गडचिरोली पहुंचने में 12 से 15 घंटे लगते हैं। इस लिए यदि मध्य प्रदेश व तेलंगाना सरकार पानी छोड़ने की सूचना पहले ही गडचिरोली जिला प्रशासन को दे दें तो स्थिति को अच्छी तरह संभाला जा सकेगा। 

नगर विकास मंत्री शिंदे ने कहा कि मध्य प्रदेश के श्री राम सागर व कडेम बांध से पानी छोड़ने पर गोदावरी नदी में बाढ़ आ जाती है। गोदावरी नदी गडचिरोली जिले के सिरोंचा तहसील से बहती है। पानी बढ़ने से प्राणहिता नदी का प्रवाह रुक जाता है और वहां पर बैक वॉटर तैयार हो जाता है। इससे सिरोंचा तहसील व अहेरी बार्डर एरिया में बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है। गोसीखुर्द से पानी छोड़ते समय भी गडचिरोली जिला प्रशासन को समय पर सूचना दी जाना चाहिए। इस पर जल संसाधन मंत्री पाटील ने कहा कि अगले 8 से 10 दिनों के भीतर मध्य प्रदेश, तेलंगाना व महाराष्ट्र के सचिवों की संयुक्त बैठक होगी। इस बैठक में यह सूचना रखी जाएगी। पाटील ने कहा कि जिला स्तर पर जिलाधिकारी, जलसंसाधन विभाग, राजस्व विभाग की संयुक्त बैठक बुला कर बाढ़ से निपटने की योजना तैयार की जाएगी। 

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