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माता बनी कुमाता , अनैतिक संबंधों में बाधा बने 10 माह के पुत्र की हत्या कर कुएं में फेंका

माता बनी कुमाता , अनैतिक संबंधों में बाधा बने 10 माह के पुत्र की हत्या कर कुएं में फेंका

डिजिटल डेस्क, अमरावती । मां अंबा की नगरी अमरावती में जहां इन दिनों दुर्गोत्सव की धूम मची हुई है, वहीं एक मां ने अनैतिक संबंधों के चलते अपने  10  माह के पुत्र की न सिर्फ गला घोंटकर हत्या कर दी बल्कि उसका शव भी कुएं में फेंक दिया। मां की ममता को शर्मसार करनेवाली इस घटना से समाजमन दहल उठा है। जानकारी के अनुसार जिले के चांदुर बाजार तहसील स्थित ब्राह्मणवाड़ा निवासी आरोपी महिला ने एक व्यक्ति के साथ मिलकर बेटे की हत्या कर शव को वाशिम तहसील के शेलु बाजार स्थित कुएं में फेंक दिया। 10  माह का बेटा दो दिनों से लापता रहने से पिता ने जब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई तब यह संगीन मामला उजागर हुआ। मंगरुल पुलिस ने आरोपी महिला सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

बताया जाता है कि चांदुर बाजार तहसील के ब्राह्मणवाड़ा थड़ी निवासी संगीता विठोबा माहुलकर कुछ दिनों पूर्व अपने पति और 10 माह के बेटे के साथ कारंजा में रहने के लिए गई। वहां यह दम्पति महिला के जीजा शरद खुरसड़े के यहां रहने लगा था। इस दौरान महिला और उसके जीजा के बीच अनैतिक संबंध बन गए। 
महिला का 10 माह का बेटा अक्सर बीमार रहता था  महिला और उसके  जीजा के संबंधों में वह बाधा बन रहा था। जिससे निर्दयी मां ने उस मासूम को खत्म करने का निर्णय लिया और 3 अक्टूबर की सुबह अपने प्रेमी के साथ मिलकर मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी। 

सबूत मिटाने के लिए  महिला ने मासूम को अपने हाथों से मंगरुल पीर थाना क्षेत्र के शेलु बाजार स्थित कुए में फेंक दिया। बेटा लापता रहने से 6 अक्टूबर को आरोपी महिला के पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू की और जांच दौरान जब महिला से कडी पूछताछ की गई तूकरने पर बेटे की हत्या का मामला उजागर हुआ। पुलिस ने धारा ३०२, २०१, ३४ के तहत आरोपी शरद खुरसडे सहित उस संगीता माहुलकर को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या का मामला उजागर होने के बाद वाशिम के जिला पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में पुलिस उपविभागीय अधिकारी, थानेदार विनोद दिघोरे के दल ने कुछ ही घंटों में हत्या की गुत्थी सुलझाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। 

जीजा के साथ थे नाजायज संबंध 
ब्राह्मणवाडा थड़ी निवासी माहुलकर दंपति हसीखुशी जी रहे थे। विवाह के पांच साल बाद इस दम्पति को एक पुत्रत्नहुआ। उन्होंने बेटे का नाम शौर्य रखा। लेकिन महिला विवाह के कुछ दिनों बाद अपने जीजा को पसंद करने लगी।  3 अक्टूबर को महिला बीमारी का बहाना कर अपने पति और बेटे के साथ प्रेमी जिजा से मिलने के लिए मायके गई। वहां एकांत में अनैतिक संबंधों में बाधा बने बेटे का गला घोंट कर उसकी हत्या की और शव कुएं में फेंक दिया। 

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