छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा के वीर सपूत... भारत मां की शान में भारत ने दी प्राणों की आहूति

June 17th, 2022

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा। भारत मां की शान में अपने प्राण न्यौछावर कर छिंदवाड़ा जिले के वीर सपूत भारत यदुवंशी वीरगति को प्राप्त हुए। रोहनकला के शंकरखेड़ा के रहने वाले २९ वर्षीय भारत यदुवंशी भारतीय सेना की राष्ट्रीय रायफल ४१ (सिग्नल रेजीमेंट) में सिग्नल मेन के पद पर पदस्थ थे। वे जम्मू के दुर्गमूला में पदस्थ थे। बुधवार शाम आतंकी मुठभेड़ के दौरान ग्रेनेड हमले में भारत यदुवंशी शहीद हुए है। भारत के शहीद होने की खबर से उनके परिवार समेत जिले में शोक की लहर है।
शहीद भारत के छोटे भाई नारद के मुताबिक बुधवार शाम लगभग चार बजे भारत अपनी टॉवर पोस्ट पर तैनात थे। इस दौरान उन्हें आतंकी मूवमेंट दिखाई दिया। इस बीच उनके टॉवर पर आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया। घायल भारत को फील्ड अस्पताल लाया गया। यहां लगभग एक घंटे तक चले इलाज के बाद भारत शहीद हो गए। शाम लगभग छह बजे भारत की यूनिट से कर्नल ने फोन पर नारद को दुखद सूचना दी।
मां की बिगड़ी तबीयत, पिता खामोश-
नारद यदुवंशी ने बताया कि मां सुशीला यदुवंशी और पिता ओमप्रकाश यदुवंशी को नहीं बताया गया कि भाई भारत शहीद हो चुके है। भाई के सरहद पर घायल होने की जानकारी दी गई है। इस खबर से ही मां सुशीला का स्वास्थ्य बिगड़ गया। वहीं पिता ओमप्रकाश घर में परिचित व रिश्तेदारों की भीड़ के बीच खामोश दिखाई दिए।
पत्नी रो-रोकर हुई बदहवास-
घर पर भारत की पत्नी उर्मिला यदुवंशी और तीन साल की बेटी यागवी और डेढ़ साल की बेटी जानवी है। पति के शहीद होने की खबर से उर्मिला रो-रोकर बदहवास हो गई है। वहीं मासूम बेटियों को इतनी समझ ही नहीं है कि उनके पिता अब दोबारा नहीं लौटेंगे।
छुट्टी खत्म कर २० मई को लौटे थे भारत-
नारद यदुवंशी ने बताया कि भाई भारत यदुवंशी १५ दिन की छुट्टी पर अपने गांव आए थे। २० मई को भारत वापस अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। बेटे के छुट्टी पर आने से पूरा परिवार खासा खुश था।
भाई भी सैनिक, पुलवामा में है तैनात-
शहीद भारत यदुवंशी के छोटे भाई २७ वर्षीय नारद भी राष्ट्रीय रायफल ५३ में तैनात है। वे जम्मू के पुलवामा में सेवाएं दे रहे हैं। नारद अभी छुट्टी पर गांव लौटे है। उन्हें ही सेना के अधिकारियों ने भारत के शहीद होने की खबर दी थी।
मेरे रोल मॉडल थे भाई, उनकी वजह से ही फौजी बना-
सरहद पर शहीद भारत के छोटे भाई नारद कहते है... मुझे व परिवार को भाई भारत पर हमेशा से गर्व रहा है। सेना में भर्ती होने का भारत को इतना जुनून था कि वे रोजाना सुबह चार बजे उठकर फौज में जाने की तैयारी करते थे। इसके बाद वे कॉलेज जाते और वहां से लौटकर खेत के काम में पिता की मदद करते थे। भाई भारत मेरे रोल मॉडल है। उन्होंने हर वक्त मेरा हौसला बढ़ाया, उनकी वजह से ही मैं फौजी बना हूं...
आज गांव आएगी शहीद की देह-
परिजनों के मुताबिक शहीद भारत की देह शनिवार दोपहर को नागपुर आएगी। यहां से सेना की मौजूदगी में देह गांव पहुंचेगी। गांव में पूरे सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहीद के जन्म से लेकर अब तक...
- १२ जून १९९५ में शंकरखेड़ा में जन्में
- शंकरखेड़ा के प्राथमिक स्कूल, रोहना माध्यमिक स्कूल के बाद डीडीसी कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष व डीसीए
- बीए फाइनल की पढ़ाई के दौरान १४ सितम्बर २०१५ में सेना में भर्ती।
- सीहोर में सेना की ओपन भर्ती में हुए थे सलेक्ट।
- गोवा में ट्रेनिंग के बाद श्रीनगर १५ सीएसआर, ३१ आर्मड के बाद दुर्गमूला में हुए तैनात।
- दुर्गमूला में एक साल से पोस्टेड थे।
- शहीद १५ जून २०२२ की शाम लगभग चार बजे।