दैनिक भास्कर हिंदी: निजी ट्रेवल एजेंसी से हज करने वालों पर 5 और हज कमेटी के यात्रियों पर 18% GST

July 12th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सरकार की भेदभावपूर्ण नीति हज यात्रियों के साथ अपनाई जा रही है। निजी टूर आपरेटरों पर मेहरबान सरकार ने निजी टूर के हज यात्रियों पर महज 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया है, जबकि सरकारी एजेंसी हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से हज पर जाने वाले यात्रियों को 18 प्रतिशत जीएसटी अदा करने होंगे। निजी टूर के मुकाबले हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से जाने वाले यात्रियों की जेब पर 32,500 रुपए का बोझ बढ़ेगा। सरकार की इस नीति से हज पर जाने वाले यात्रियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

‘निजी टूर से मोहब्बत, हज कमेटी की उपेक्षा’
हज कमेटी ऑफ इंडिया के सदस्य इब्राहिम भाईजान ने कहा कि जीएसटी लगाते समय सरकार ने पक्षपात किया। सरकार ने सरकारी एजेंसी हज कमेटी के माध्यम से हज पर जाने वाले यात्रियों पर 18 प्रतिशत और निजी टूर से जाने वाले यात्रियों पर महज 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया है। निजी टूर वाले व्यवसाय करते हैं, जबकि हज कमेटी कोई व्यवसाय नहीं करती। सरकार द्वारा निर्धारित किराया लिया जाता है। एक हज यात्री से करीब 2 लाख 50 हजार रुपए किराया वसूला गया, जिसमें 18 प्रतिशत जीएसटी शामिल है।

जीएसटी के कारण यात्रियों पर करीब 45 हजार रुपए का बोझ बढ़ गया है, जबकि निजी टूर के यात्रियों को सिर्फ 12,500 रुपए अदा करने होंगे। हज कमेटी ऑफ इंडिया के जरिए हज यात्रा करने वालों की जेब पर 32,500 रुपए का बोझ बढ़ेगा। 

क्या कहता है जीआर
भारत सरकार द्वारा जारी जीआर में 80 श्रेणियों को जीएसटी से मुक्त रखा गया है, इसमें मुस्लिम समाज भी शामिल हैं। बावजूद इसके हज यात्रा पर जीएसटी लगाया गया है। 

यात्रा महंगी होने की तीन वजहें
इस वर्ष हज यात्रियों की जेब पर तीन कारणों से बोझ बढ़ा। पहला, यात्रा पर दी जाने वाली सब्सिडी बंद कर दी गई, जिससे यात्रा महंगी हो गई। दूसरा, सऊदी रियाल की कीमत बढ़ने से 17 के बजाय 18 रुपए अदा करने होंगे। तीसरा, हज यात्रा पर जीएसटी लगाए जाने से यात्रा शुल्क में और इजाफा हुआ है। 

प्रधानमंत्री इंसाफ दिलाएं
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री विनोद तावडे को लिखे पत्र में हज यात्रा से जीएसटी हटाने की मांग की है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। प्रधानमंत्री इस ओर ध्यान देकर मुस्लिम समाज को इंसाफ दिलाएं। (इब्राहिम भाईजान, सदस्य, हज कमेटी ऑफ इंडिया)