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घर के सामने से बच्ची को उठा ले गया तेंदुआ - दूसरे दिन क्षत विक्षत मिला शव

घर के सामने से बच्ची को उठा ले गया तेंदुआ - दूसरे दिन क्षत विक्षत मिला शव

डिजिटल डेस्क शहडोल/जैतपुर । यहां बीती शाम घर के सामने खेल रही एक मासूम बच्ची को  तेंदुआ उठाकर ले गया और उसे निवाला भी बना लिया। बच्ची का कंकालनुमा शव घर से काफी दूर जंगल में नाले के पास बुधवार की सुबह पाया गया। यह दर्दनाक घटना दक्षिण वन मंण्डल के वन परिक्षेत्र केशवाही अंतर्गत ग्राम भुमकार के बीट भुमकार में घटित हुई। 
रात भर तलाश की 
जानकारी के अनुसार ग्राम भुमकार निवासी अमर सिंह पाव की सात वर्षीय बच्ची ललिता सिंह मंगलवार की शाम घर के सामने खेलते समय अचानक लापता हो गई। परिजनों ने रात भर उसकी काफी तलाश किया, लेकिन वह नहीं मिली। चूंकि अमर सिंह का घर जंगली एरिया से लगा हुआ है, वन्य प्राणियों द्वारा हमले की आंशका बनी थी। स्थानीय वन विभाग के लोग भी तलाश में जुट गए। इस बीच बुधवार की सुबह बच्ची की लाश वन चौकी से करीब 200 मीटर दूर आरएफ 972 में नाले के पास मिली। उसके दोनों हाथ धड़ से अलग मिले। सीने ओर पेट का मांस गायब था। समझते देर नहीं लगी कि वन्य प्राणी का शिकार हुई है। नजदीक ही तेंदुआ के पद मार्क मिले। 
डीएफओ की मौजूदगी में हुआ संस्कार
घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही मुख्यालय से सीसीएफ के निर्देश पर डीएफओ साउथ सहित एसडीओ वन सहित अन्य अधिकारी स्थल पर पहुंचे। इसके पूर्व केशवाही रेंजर आरएन शर्मा अपने स्टॉफ के साथ मंगलवार की शाम से बच्ची की तलाश में जुटे हुए थे। अधिकारियों ने मौके का जायजा लेने के साथ अवशेष में मिले बच्ची के शव का स्थल पर ही पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद अधिकारियों की मौजूदगी में बुधवार की शाम बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया गया। विभाग द्वारा तत्कालिक मदद के रूप में 10 हजार की राशि पीडि़त परिवार को मुहैया कराई गई। इसके अलावा वन्य प्राणी द्वारा हुए क्षति के फलस्वरूप चार लाख रुपये की सहायता राशि शीघ्र ही दिलाए जाने की प्रक्रिया शुरु करा दी गई है।
घटना दुर्भाग्यपूर्ण: सीसीएफ
-यह घटना दुर्भाग्यूपर्ण है। वन्य प्राणी के नेचर के खिलाफ यह घटना हुई है। पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर ऐसी घटना क्यों घटित हुई। पीडि़त परिवार को आर्थिक मदद दी जा रही है। आसपास के लोगों को सावधान रहनी की समझाइश के साथ वरिष्ठ अधिकारी नजर रखे हुए हैं। रात्रि गश्त बढ़ाई गई है।
एके जोशी, सीसीएफ शहडोल
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।