दैनिक भास्कर हिंदी: 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को मिलेगी डाक मतपत्र की सुविधा

November 5th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सरकारी कर्मचारियों की तरह भारत निर्वाचन आयोग 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग व दिव्यांग वोटरों को अब डाक मतपत्र की सुविधा देने की योजना पर काम कर रहा है। इसका लाभ नागपुर के 1 लाख 19 हजार बुजुर्ग और 1208 से ज्यादा दिव्यांग को मिलेगा। उल्लेखनीय है कि 80 साल से अधिक उम्र के 70 फीसदी बुजुर्ग वोटिंग वाले दिन पोलिंग सेंटर तक नहीं पहुंच पाते हैं। चूंकि पिछले कुछ सालों से आयोग दिव्यांग वोटरों को पोलिंग तक आने जाने की सुविधा दे रहा है, इसलिए इनकी वोटिंग 70 फीसदी तक हो जाती है। 

आयोग ने 28 अक्टूबर को सीनियर सिटीजन व दिव्यांग वोटरों की सुविधा के लिए आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि ऐसे वोटर जो उम्र अधिक होने के कारण वोट नहीं डालते हैं, जिनकी उम्र 80 साल से अधिक है या फिर जो दिव्यांग है, उन्हें अगले चुनाव में रियायत दी जाए।  यह रियायत सरकार के उन कर्मचारियों की तरह होगी जो दूसरी राज्यों में पदस्थ होते हैं। उक्त तीनों कैटेगरी के वोटरों को अब कर्मचारियों की तरह डाक मतपत्र जारी होंगे। इसके लिए इन्हें चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पांच दिन के अंदर फार्म 12डी अपने क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर को भरकर देना होगा। इसके बाद बाकी की प्रक्रिया चुनाव कार्यालय पूरी करेगा।

80 साल उम्र वाले वोटरों की संख्या 1 लाख 19 हजार 322   विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 60 साल से अधिक उम्र के सीनियर सिटीजन वोटरों की संख्या 5 लाख 1 हजार 756 है। जिले में 80 साल या इससे अधिक उम्र वाले वोटरों की संख्या 1 लाख 19 हजार 322 है।  

दिव्यांग वोटरों की संख्या 1208, इन्हें मिलती है सुविधा
सामाजिक न्याय विभाग में दर्ज दिव्यांग में से 1208 ऐसे हैं जिनके नाम मतदाता सूची में हैं। इन्हें वोटिंग वाले दिन हेल्पर, वाहन, सामाजिक संस्थाएं मदद करती हैं। इसी कारण इनमें से 70 फीसदी दिव्यांगों ने पिछले चुनाव में वोटिंग की थी। आयोग अब दिव्यांग वोटरों को डाक मतपत्र की सुविधा देगा। यह सुविधा सिर्फ उन्हीं सीनियर सिटीजन और दिव्यांगों को मिलेगा जो इसका उपयोग करना चाहते होंगे। वे चाहें तो खुद भी पोलिंग सेंटर तक जाकर वोट डाल सकते हैं। 

अभी आदेश आना बाकी
केंद्र सरकार ने विकलांगों को मतपत्र से वोट देने का आदेश किया है। सीनियर सिटीजन के बारे में जानकारी नहीं है। फिलहाल इस संबंध में अधिकृत आदेश हमारे पास आना बाकी है। इसके बाद ही बताया जा सकता है। - शिरीष मोहद, सीईओ, महाराष्ट्र चुनाव आयोग

खबरें और भी हैं...