दैनिक भास्कर हिंदी: नौकरी दिलाने का झांसा देकर धारणी के सात मजदूरों को मदुरई के व्यापारी को बेचा

June 7th, 2018

डिजिटल डेस्क, अमरावती। अतिदुर्गम क्षेत्रों में रोजगार के साधन न होने से यहां के युवकों का अन्य शहरों में जाकर नौकरी करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन धारणी तहसील अंतर्गत आदिवासी ग्रामीण इलाकों के सात आदिवासी मजदूरों को अच्छा रोजगार दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति ने करीब 1 माह पहले चेन्नई के मदुरई शहर में बेच डाला। किसी तरह चंगुल से निकले मजदूर जब घर लौटे तो मामला सामने आया है।

यहां बता दें कि धारणी तहसील के ग्राम खिड़की निवासी कुछ युवकों को एक व्यक्ति ने कासमार बोरवेल कंपनी में अच्छा काम दिलाने का लालच दिया। उस व्यक्ति ने इन सातों को अपने साथ चेन्नई के मदुराई शहर में लाया। इन सातों मजदूरों को बतौर बंधुआ मजदूर उस व्यक्ति ने एक व्यापारी को बेच दिया। उस व्यापारी ने इन सातों मजदूरों को बंदी बनाकर उनसे जमकर काम लेना और अत्याचार करना आरंभ किया। यह अत्याचार असहनीय होने पर इन सातों युवकों ने वहां से भागना ही मुनासिब समझा। 

सातों मजदूर जैसे तैसे उस व्यापारी की नजरें बचाकर उसकी चंगुल से भाग निकले। वहां से वे चेन्नई रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। चेन्नई रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद उन्होंने धारणी के समाजसेवी प्रकाश घड़गे से फोन पर संपर्क कर अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद घड़गे ने अपने परिचित व्यक्ति को सूचना देकर सातों मजदूरों के भोजन का प्रबंध कर उन्हें रेलवे का टिकट निकालकर दिया। यह सातों मजदूर चेन्नई-सेवाग्राम एक्सप्रेस से धारणी क्षेत्र के ग्राम खिड़की अपने गांव पहुंचे।

खिड़की, यह गांव प्रकाश घड़गे के कार्य क्षेत्र में आता है। घड़गे की पत्नी इस क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य है। इसलिए यह मामला उजागर हो पाया। धारणी पुलिस ने इन सातों युवकों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

उल्लेखनीय है धारणी तहसील में रोजगार के साधन नहीं है। क्षेत्र में गरीबी भी काफी है। लोग नौकरी के लिए अक्सर शहर जाते हैं लेकिन ये शहर उनके आस-पास के होते हैं। अज्ञात शख्स द्वारा इन सातों को रोजगार देने का झांसा देकर दूसरे राज्य भेजे जाने से यहां से मानव तस्करी होने का अंदेशा व्यक्त किया जा रहा है।