comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

एम्स में जब देश-दुनिया से मरीज आएंगे तभी यह उपयोगी -गडकरी

एम्स में जब देश-दुनिया से मरीज आएंगे तभी यह उपयोगी -गडकरी

 डिजिटल डेस्क, नागपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नागपुर की उपयोगिता तब साबित होगी जब देश और दुनिया के लोग यहां उपचार के लिए आएं। शहर के अस्पतालों के बाहर लगी गाड़ियाें की कतार खत्म हो जाए, फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं है। पहले बाईपास के लिए लोग मुंबई जाते थे, हमारे पास रुकते थे, लेकिन अब कोई जाता नहीं है, क्योंकि नागपुर में उपचार संभव है। यह बात केन्द्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने नागपुर एम्स के दूसरे स्थापना दिवस समारोह में कही। वे  मिहान स्थिति एम्स परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। पालकमंत्री नितीन राऊत, राज्यसभा सांसद डॉ. विकास महात्मे और नागपुर एम्स की संचालिका डाॅ. विभा दत्ता प्रमुखता से उपस्थित थे।

मेयो-मेडिकल जैसे डिब्बा ना बनाएं
गडकरी ने कहा कि, नागपुर एम्स आने के बाद से मेडिकल और मेयो में भी सुधार होगा। एम्स को मेयो-मेडिकल जैसा डिब्बा अस्पताल न बनने दिया जाए। एम्स में फिलहाल मरीजों की संख्या कम है, यहां 10 हजार मरीज नियमित आने चाहिए।

मिहान में बनेगा मेडिकल डिवाइस पार्क
मेडिकल डिवाइस में कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है, जिससे हमारे यहां भी शुरुआत हो। पहला मेडिकल डिवाइस पार्क विशाखापट्टनम में शुरु हुआ है। देश के 6 मेडिकल डिवाइस पार्क में एक नागपुर के मिहान में भी बनाने की दिशा में काम चल रहा है। मेडिकल डिवाइस पार्क में 6.5 करोड़ का एमआरआई 58 लाख रुपए में बनाया गया है।

फुलबॉडी चेकअप सुविधा हो : राऊत
पालकमंत्री राऊत ने कहा कि, हमारे इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस में बिल्डिंग, स्टॉफ और लैब है। बंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस जैसा नागपुर में बनाने के लिए केन्द्रीय मंत्री प्रयास करेंगे, तो जरूर बन जाएगा। एम्स में फुलबाॅडी चेकअप की सुविधा होनी चाहिए, बहुत कम जगह ऐसी सुविधा है। 

मेट्रो स्टेशन से बस की जरूरत
डॉ. महात्मे ने कहा कि, एम्स पहुंचने के लिए मेट्रो स्टेशन से बस की सुविधा होनी चाहिए। इस बारे में महापौर संदीप जोशी को एक सामान्य पत्र व्यवहार करने को कहा है। इस पर केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि, मेट्रो स्टेशन से बस की सुविधा हो जाएगी।

अप्रैल से एम्स में भर्ती होंगे मरीज
एम्स संचालिका डॉ. दत्ता ने कहा कि, एमबीबीएस की 50 से 100 सीट का बैच हो गया है। अक्टूबर 2019 से ओपीडी आरंभ हो गई है। अप्रैल 2020 से मरीजों को भर्ती करना आरंभ होगा। जुलाई 2021 से सुपरस्पेशलिटी वाले विभाग जैसे कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी आदि आरंभ होंगे।
 

कमेंट करें
3RQmL
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।