दैनिक भास्कर हिंदी: तीन कछुए और विलुप्त प्रजाति के दोमुंहे सांप के साथ आरोपी गिरफ्तार

July 29th, 2017

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा। बाघ की खाल मामले में पड़ताल कर रही फॉरेस्ट और पुलिस की टीम को अन्य दुर्लभ व कथित रूप से उपयोगी वन्य जीव भी आरोपियों के पास से हाथ लगे हैं। खाल मामले में गिरफ्तार मुख्य सरगना अविनाश की निशानदेही पर पुलिस और फॉरेस्ट की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है।

दो मुंह वाले सांप (सेडबोआ प्रजाति का सर्प) और विलुप्त प्रजाति के कछुआ के व्यापार में शामिल तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी अविनाश और उसके साथी दुर्लभ वन्यजीवों का लंबे समय से व्यापार करते आ रहे हैं। अविनाश की निशानदेही पर पुलिस ने अमरवाड़ा के ग्राम भोकई निवासी महेन्द्र को गिरफ्तार किया है। जिसके पास से तीन कछुआ मिले हैं। वहीं पांढुर्ना के नांदनवाड़ी से बाबूलाल, बैतूल के ग्राम खेड़ली से सुनील को दो मुंह वाले सांप के साथ गिरफ्तार किया गया है।

कछुआ से निकालते हैं सट्टे का नम्बर

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कछुआ की मदद से सट्टे का नंबर निकाला जाता है। इस वजह से एक कछुआ की कीमत 50000 रुपए या उससे भी अधिक है। इसी तरह दो मुंह वाले सांप की मदद से रुपयों की बरसात की जाती है। इसलिए इसकी कीमत बाजार में 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक है।

उपयोगी सिक्के और नोट भी

बाघ की खाल, दुर्लभ जीवों की तस्करी करने वालों का बड़ा चैनल बताया जा रहा है। चैनल के माध्यम से ये लोग कछुआ और सांप के अलावा कथित टोटकों में उपयोगी माने जाने वाले सिक्के और पुराने नोट भी उपलब्ध कराते हैं। सिक्के और नोट का प्रयोग सट्टे का नंबर निकालने में किया जाता है। 

जांच में निकला अंतर्राज्यीय गिरोह

बाघ की खाल और दुर्लभ वन्यजीवों की तस्करी में पकड़े गये आरोपियों से बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। आरोपियों के तार महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान सहित प्रदेश के कई जिलों से जुड़ें हैं। पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं जो दूसरे राज्यों के हैं। गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना की जा रही हैं।