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टूथ ज्वेलरी भी फैशन में, यूथ सिंथेटिक डायमंड से बढ़ा रहे खूबसूरती


डिजिटल डेस्क, नागपुर। दांतों से भी हमारी खूबसूरती बढ़ती है। अब तक यंगस्टर्स कपड़े, ज्वेलरी, हेयर आदि के फैशन पर ध्यान देते थे, लेकिन अब टूथ ज्वेलरी को भी फैशन में शामिल कर रहे हैं। अगर किसी के दांत बड़े या छोटे हैं या दांतों में कैविटी हो गई है, तो उन्हें दूसरों के सामने मुस्कुराने में शर्म आती है। इससे निजात पाने के लिए ऐसे लोग दांतों में सिंथेटिक डायमंड लगवा रहे हैं। सिथेंटिक डायमंड आर्टिफिशियल होता है। पुरानी तकनीक के तहत दांतों में सीमेंट भरवाया जाता था, फिर चांदी और सोना भरवाने का फैशन आया। अब सिंथेटिक डायमंड की डिमांड होने लगी है। आजकल पायरिया और कैविटी की वजह से छोटी उम्र में दांत खराब हो जाते हैं। कलर्ड फीलिंग, डायमंड, ह्वाइट सेरेमिक ब्रेसेल और क्राऊन के यूज से दांतों की सुंदरता बढ़ जाती है। 

बच्चे के दांतों में करवाई कलर फीलिंग
मेरी बेटी के दांत कैविटी के कारण बहुत खराब दिखते थे। हमने डॉक्टर से संपर्क किया और उन्होंने जब कलर्ड फीलिंग के बारे में बताया, तो हमने भी हामी भरी। उसके सामने के दांतों में कलर्ड फीलिंग करवाई। मेरी बेटी का डांस में रूझान है, इसलिए हमने सोचा कि ऐसा ट्रीटमेंट करवाया जाए, जिससे उसके लुक पर असर न हो। कलर्ड फीलिंग से उसका फेस भी बुरा नहीं लग रहा है। पहले के समय में सिलेक्टेड ट्रीटमेंट ही थे, इसलिए बहुत प्रॉबलम होती थी। 
- उषा चौबे, हाउस वाइफ

फर्क नहीं दिखाई देता
लोगों के फेस स्ट्रक्चर को ध्यान में रखकर स्माइल करेक्शन किया जाता है। मोतियों से चमकते दांतों के लिए लोग ब्लीचिंग कराने के लिए भी अवेयर हुए हैं। भीड़ से जुदा दिखने के लिए मॉडल्स और यंग गर्ल्स दांतों में सिंथेटिक डायमंड भी लगवा रही हैं। इन्हें दांत में स्टिक किया जाता है, जो स्माइल करते वक्त नजर आता है। ये कुछ महीनों में निकल भी जाता है। इससे दांतों को नुकसान नहीं होता। कुछ लोगों के मसूड़े दांत से बड़े होते हैं। मसूड़ों के कारण दांत छोटे दिखते हैं। ऐसे लोगों के ट्रीटमेंट के लिए गमी स्माइल करेक्शन किया जाता है। जिनके दांतों में गैप होता है या एक्सिडेंट में टूट जाते हैं या ब्लैक हो जाते हैं। ऐसे दांतों को माइनर लेमिनेशन से फील करके करेक्ट करते हैं। टूटे दांतों में कैपिंग की जाती है। ट्रीटमेंट के बाद जरा भी फर्क नहीं दिखता कि कैपिंग में आर्टिफिशियल चीजों का इस्तेमाल हुआ है। 
- अभय दातारकर, दंत रोग विशेषज्ञ (डेंटल कॉलेज)

फेस के अनुसार ट्रीटमेंट
मैंने अपने फेस के अनुसार दांतों में फीलिंग करवाई। दांत भी बहुत खराब हो गए थे, इसलिए उनकी चमक वापस लाने के लिए ब्लीचिंग भी करवाई। मुझे मॉडलिंग में इंट्रेस्ट है, जिसमें स्माइल महत्व रखती है। मैंने अपने दांत में सिथेंटिक डायमंड फीलिंग करवाई है। मेरे दांत भी काफी ऊपर नीचे थे, इसलिए उन्हें सेट करवाया है। अट्रैक्टिव लुक के लिए सुंदर स्माइल जरूरी है। फेस के अनुसार अलग-अलग ट्रीटमेंट कराए जाते हैं। 
- खुशी गुप्ता, वर्किंग
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।