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विजय गाथा बताने दिल्ली से नागपुर पहुंचे दो 'विजयंत', कस्तूरचंद पार्क की बढ़ेगी शोभा

विजय गाथा बताने दिल्ली से नागपुर पहुंचे दो 'विजयंत', कस्तूरचंद पार्क की बढ़ेगी शोभा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। पाकिस्तान और चीन के साथ युद्ध में इस्तेमाल किए गए सेना के दो टैंक कस्तूरचंद पार्क की शोभा में चार चांद लगा देंगे। विजयंत नामक दोनों टैंक जल्द ही कस्तूरचंद पार्क में स्थापित किए जाएंगे। उत्तर महाराष्ट्र व गुजरात सब एरिया सेना मुख्यालय ने हरिटेज कमेटी के पास यह प्रस्ताव भेजा था। मनपा मुख्यालय में हुई हेरिटेज कमेटी की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। 

गौरवशाली इतिहास 
भारतीय सेना ने पाकिस्तान और चीन को युद्ध में परास्त करने के लिए विजयंत नाम के टैंक का इस्तेमाल किया था। भारतीय सेना का पराक्रम और युद्ध में दुश्मन को परास्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सेना के टैंक के इतिहास से पर्यटक और विद्यार्थियों को परिचित कराने इसे कस्तूरचंद पार्क पर रखने का प्रस्ताव सेना के नागपुर स्थित उत्तर महाराष्ट्र व गुजरात सेना मुख्यालय ने हेरिटेज कमेटी के पास भेजा था। हेरिटेज कमेटी ने प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

दिल्ली से नागपुर लाए
विजयंत नामक टैंक दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय में सुरक्षित रखे थे। इसे दिल्ली से नागपुर लाया गया है। हेरिटेज कमेटी की मंजूरी मिलने से इसे जल्द ही कस्तूरचंद पार्क में रखा जाएगा। टैंक की देखभाल व दुरुस्ती सेना मुख्यालय करेगा।

जानें विजयंत टैंक के बारे में 
हेवी व्हीकल फैक्टरी (आवड़ी) में निर्मित विजयंत टैंक में गोलाबारी करने की अपार शक्ति के साथ-साथ चौतरफा घूम फिरकर मार करने की क्षमता। इस टैंक में अमेरिका के एम. 60 तथा जर्मनी के लयर्ड टैंकों की तरह की 105 मिमी की गन के साथ-साथ मशीनगन तथा 12.7 एमएम की एंटी एयरक्रॉफ्ट गन भी लगी हुई है।

उत्खनन में मिले ताेप का प्रस्ताव भी
 गत दिनों कस्तूरचंद पार्क में निर्माणकार्य के उत्खनन दौरान चार तोप मिले। पर्यटन की दृष्टि से इसे कस्तूरचंद पार्क में रखने का प्रस्ताव हेरिटेज कमेटी सदस्य अशोक मोखा ने रखा। इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर जिलाधिकारी के माध्यम से भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण िवभाग के पास भेजने का निर्णय लिया गया।

जीरो माइल सौंदर्यीकरण प्रस्ताव में संशोधन के निर्देश
नागपुर मेट्रो रेलवे प्रशासन की ओर से जीरो माइल परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। हेरिटेज कमेटी के पास प्रस्ताव भेजा गया। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार बैठक में मेट्रो रेल प्रशासन की ओर से प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें कुछ त्रुटियाें को दुरुस्त कर संशोधित प्रस्ताव अगली बैठक में मंजूरी के लिए पेश करने के निर्देश दिए गए। बैठक में हेरिटेज कमेटी सदस्य तथा मनपा उपायुक्त राजेश मोहिते, सदस्य सचिव तथा मनपा नगररचना विभाग के सहायक संचालक सुनील दहीकर, सुप्रिया थुल, डॉ. तपन चक्रवर्ती,  डॉ. शुभा जोहरी, उज्ज्वला चक्रदेव, वास्तुविशारद अशोक मोखा, उत्तर महाराष्ट्र व गुजरात सब एरिया सेना मुख्यालय के कर्नल राकेश कुमार उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।