comScore

सैम्पलिंग में उज्जैन भी जबलपुर से आगे, इन्दौर-भोपाल-ग्वालियर से तो कोसों दूर

सैम्पलिंग में उज्जैन भी जबलपुर से आगे, इन्दौर-भोपाल-ग्वालियर से तो कोसों दूर

डिजिटल डेस्क जबलपुर । कोविड-19 का पहला प्रकरण जबलपुर में मिलने के बाद अब तक कुल 1495 लोग पॉजिटिव आ चुके हैं, लेकिन इसके लिए जो कुल सैम्पल लिए गए हैं, उनकी संख्या उज्जैन से भी कम है। उज्जैन में अब तक कुल 1230 पॉजिटिव आए हैं और सैम्पल लिए गए हैं 48,821 जबकि जबलपुर में कुल  31,591 सैम्पल ही लिए गए हैं। ये आँकड़े जबलपुर की प्रदेश में दयनीय स्थिति को दर्शाते हैं। 
उज्जैन की जनसंख्या आधे से भी कम
2011 की जनगणना के मुताबिक उज्जैन की जनसंख्या 5.15 लाख है और जबलपुर की 12.70 लाख। उज्जैन जनसंख्या के मामले में प्रदेश का पाँचवें नंबर का शहर है, जबकि जबलपुर तीसरे। इसी जनगणना के आँकड़े बताते हैं कि प्रदेश के पहले नंबर के शहर इंदौर की जनसंख्या 25.90 लाख और दूसरे नंबर के शहर राजधानी भोपाल की जनसंख्या 18 लाख है।

आँकड़े बताते हैं कि इन्दौर, भोपाल ही नहीं चौथे नंबर के शहर ग्वालियर में भी जबलपुर से बहुत ज्यादा सैम्पलिंग हो रही है। ग्वालियर में अब तक 62,297 सैम्पल लिए गए हैं, जबलपुर से करीब दोगुने, जबकि वहाँ पहला कोरोना मरीज काफी देर से मिला था और लैब भी बाद में स्थापित हुई। वहीं इन्दौर में 2 अगस्त तक ही 1,41,562 सैम्पल लिए जा चुके हैं। भोपाल में कुल 1,38,819 सैम्पल अब तक लिए गए हैं। 
जनप्रतिनिधियों को बनाना होगा दबाव
ये आँकड़े जबलपुर की दयनीय स्थिति को दर्शाने के लिए काफी हैं। पहले यहाँ इन्दौर, भोपाल की तुलना में कम मरीज मिल रहे थे पर पिछले कुछ दिनों से इसकी संख्या में इजाफा हुआ है। एक दिन तो आँकड़ा 125 तक पहुँच गया था, जबकि 60 के आसपास सैम्पल ही लगातार मिल रहे हैं। पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी 15 सौ तक पहुँच गई है। ऐसे में जबलपुर में सैम्पलिंग बढ़े, इसके लिए जनप्रतिनिधियों को शासन पर दबाव बनाना चाहिए। अगर प्रशासन के बस में होता तो उनके प्रयासों से सैम्पलिंग बढ़ गई होती, लेकिन अब इंतजार करने से शहर का भला होना संभव नहीं दिख रहा है। 
 

कमेंट करें
TSKuc