दैनिक भास्कर हिंदी: हज किराए में होगा इजाफा, 12 को मंत्री नकवी घोषित करेंगे नई हज नीति

November 10th, 2017

डिजिटल डेस्क, नागपुर। हज यात्रा के लिए नई हज नीति बनने जा रही है जिसमें आगामी हज यात्रा का किराया महंगा होने जा रहा है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी 12 नवंबर को मुंबई हज हाउस में नई हज नीति की घोषणा करेंगे।  दरअसल हज कमेटी ऑफ इंडिया हज-2018 में सब्सिडी खत्म कर रही है, जिस कारण यात्रा 2 से 5 हजार रुपए महंगी होने की संभावना है। हज यात्रा शुल्क में वृद्धि का बोझ यात्रियों को उठाना पड़ेगा।

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी 12 नवंबर को मुंबई हज हाउस में नई हज नीति तथा हज-2018 के कार्यक्रम की घोषणा करेंगे। हज कमेटी के सदस्य हाजी इब्राहिम शेख के अनुसार, हज-2018 मेंं यात्रियों को सब्सिडी नहीं मिलेगी। यात्रियों को पूरा शुल्क अदा करना होगा। नए शुल्क के अनुसार यात्री हज पर जा सकेंगे।

 इस प्रकार रहेगा हवाई शुल्क

2017 में नागपुर इंबार्केशन सेंटर से हवाई शुल्क 64 हजार 260 रुपए था और 2 हजार 200 रुपए की सब्सिडी दी गई थी। औरंगाबाद का हवाई शुल्क 80 हजार 748 रुपए था और 1 हजार 870 रुपए की सब्सिडी मिली थी। वर्ष 2018 में सब्सिडी खत्म किए जाने पर नागपुर इंबार्केशन सेंटर से हवाई शुल्क 63 हजार रुपए, औरंगाबाद से 85 हजार रुपए और मुंबई से 52 हजार रुपए रहेगा।

प्राइवेट टूर आपरेटर्स का बढ़ेगा किराया

सेंट्रल तंजीम कमेटी के सचिव हाजी मो. कलाम ने बताया कि हज-2017 के लिए निजी टूर ऑपरेटर्स का कोटा कुल कोटे का 15 प्रतिशत था।  सरकार ने हज-2018 के लिए निजी टूर ऑपरेटर्स के कोटे में 15 प्रतिशत वृद्धि कर इसे 30 प्रतिशत कर दिया है। इससे हज कमेटी का कोटा घट गया है। 

किसी भी सेंटर से हज पर जा सकेंगी यात्री

नई हज नीति समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा देश के 10 इंबार्केशन सेंटरों को बंद करने के बजाय उन्हें वैकल्पिक रखा जाएगा। इन सेंटरों से हज यात्रा करने यात्री अब अपनी सुविधा के अनुसार देश के दूसरे सेंटरों से भी यात्रा कर सकेंगे। खास बात यह है कि नागपुर इंबार्केशन सेंंटर के अंतर्गत आने वाले हज यात्रियों को नागपुर सेंटर से ही हज पर जाना पड़ेगा। केंद्रीय नई हज नीति समीक्षा समिति ने पिछले दिनों अपनी रिपोर्ट हज कमेटी ऑफ इंडिया को सौंपी थी।

रिपोर्ट में नागपुर सहित 11 इंबार्केशन सेंटरों को बंद करने की सिफारिश की गई थी। इस मुद्दे को लेकर सेंट्रल तंजीम कमेटी ने हस्ताक्षर मुहिम चलाई थी। विरोध की गूंज दिल्ली तक सुनाई दी। इसके बाद केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हज कमेटी को आश्वासन दिया था कि कोई इंबार्केशन सेंटर बंद नहीं होगा। हज कमेटी के सदस्य इब्राहिम भाईजान ने बताया कि हज कमेटी किसी भी इंबार्केशन सेंटर को बंद नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि नागपुर और जयपुर सेंटर को छोड़कर 9 सेंटरों को वैकल्पिक रखा जाएगा। इन सेंटरों के अंतर्गत हज यात्री देश के किसी भी सेंटर से हज पर जा सकेंगे। खास बात यह है कि नागपुर इंबार्केशन सेंंटर के अंतर्गत आने वाले हज यात्रियों को नागपुर सेंटर से ही हज पर जाना पड़ेगा। नागपुर सेंटर बरकरार रखा गया है।  

2018 में इस प्रकार रहेगा शेड्यूल     

  1. हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज-2018 के लिए परिपत्रक गुरुवार को जारी किया। हज कमेटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मकसूद अहमद खान द्वारा जारी परिपत्रक के अनुसार हज कार्यक्रम की घोषणा 12 नवंबर को की जाएगी। 21 जून से हज यात्रा शुरू होगी। यह सिलसिला 13 अगस्त तक चलेगा।
  2. 15 नवंबर से सभी राज्य हज कमेटियों द्वारा आवेदन फार्म वितरण शुरू किया जाएगा और आवेदन स्वीकार भी किए जाएंगे। आवेदन फार्म वितरण 7 दिसंबर तक होगा। जनवरी में भारत का एक प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब के दौरे पर जाएगा और निवास के लिए इमारतों का मुआयना करेगा। हज 20 अगस्त को होगा। 

पांच वर्षों से आवेदन करने वालों का आरक्षण रद्द न हो  
 
सेंट्रल तंजीम कमेटी अध्यक्ष हाजी अ. कदीर का कहना है कि हज कमेटी द्वारा लगातार चार और पांच वर्षों से आवेदन करने वालों का आरक्षण रद्द किए जाना गलत है। लगातार चार और पांच वर्षों से आवेदन करने वालों का आरक्षण जारी रखा जाना चाहिए। सीटीसी का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितीन गडकरी से मिलकर इस संबंध में चर्चा करेगा। इसे लेकर दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

निजी टूर आपरेटर्स को फायदा पहुंचाने की कवायद

सेंट्रल तंजीम कमेटी सचिव हाजी मो. कलाम का कहना है कि प्रस्तावित नई हज नीति में सरकार ने निजी टूर ऑपरेटर्स को फायदा पहुंचाने के लिए हज कमेटी का कोटा कम किया है और निजी टूर ऑपरेटर्स के कोटे को दोगुना कर दिया है। साथ ही 45 वर्ष से अधिक उम्र की चार महिलाओं के सामूहिक हज यात्रा का प्रावधान किया जा रहा है। यह फैसला शरीअत के खिलाफ है। इसे वापस लिया जाना चाहिए। इसके खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।