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मंडी में हंगामा- मक्का का ढेर लगाकर नीलामी पर भड़का आक्रोश

मंडी में हंगामा- मक्का का ढेर लगाकर नीलामी पर भड़का आक्रोश

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। कृषि उपज मंडी में आए दिन अव्यवस्थाओं को लेकर हंगामे के हालात बनते जा रहे है। ऐसा ही कुछ मंगलवार दोपहर को भी हुआ जहां पर किसान, व्यापारी और कुछ कुचिया व्यापारियों के बीच नीलामी को लेकर हंगामा हो गया। दरअसल कुछ दिन पहले ही कृषि उपज मंडी में निर्णय लिया गया था कि मक्का की नीलामी ढेर लगाकर नहीं की जाएगी।  वहीं कुछ किसान और कुचिया व्यापारी इसे ढेर लगाकर बेचने के लिए अड़ गए थे। काफी देर तक चले हंगामे के बाद कृषि उपज मंडी अधिकारी और व्यापारियों प्रतिनिधियों ने चर्चा की जहां मंडी परिसर में मक्का की गाडिय़ों में ही सेम्पल के आधार पर नीलामी की गई। वहीं दूसरी ओर गेहूं का ढेर लगाकर नीलामी करना तय हुआ। तकरीबन एक घंटे से ज्यादा मंडी में नीलामी नहीं हो पाई थी।
मौसम को देखते हुए लिया निर्णय
कृषि उपज मंडी में मंगलवार को गेहूं के साथ मक्का की आवक भी ज्यादा हो गई थी। मंडी परिसर में जगह नहीं होने के कारण और पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार मक्का की ढेरी लगाकर नमूने के आधार पर बोली लगाई गई। यहां मंडी अधिकारियों का कहना था कि मौसम खराब होने और मंडी परिसर में जगह नहीं होने के कारण गाडिय़ों में ही नमूने लेकर नीलामी प्रक्रिया की जा रही है। गेहूं की नीलामी ढेर लगाकर की जा रही है।
दोपहर बाद हुई बारिश, भीगा अनाज
दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश के कारण कृषि उपज मंडी प्रांगण में खुले में रखा अनाज भीग गया था। मंडी अधिकारियों की माने तो नीलामी का कार्य हो चुका था और बोरों में व्यापारियों का अनाज रखा हुआ था जो गीला हुआ है। किसानों का नुकसान नहीं हुआ है।
कृषि उपज मंडी के ऐसे हालात
- मंगलवार को गेहूं के साथ मक्का की आवक ज्यादा होने के कारण वाहनों की कतार लग गई थी। दरअसल मंडी परिसर के एक हिस्से में ही सोसायटी की खरीदी भी हो रही जिसके कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।
- मंडी में टीन शेड में पहले का अनाज रखा होने के कारण परेशानी जा रही थी। नतीजतन परिसर के खुले हिस्से में अनाज को रखना पड़ रहा।
इनका कहना है
- मक्का की नीलामी गाडिय़ों में ही रखकर नमूने के आधार पर करना तय हुआ है कुछ लोग ढेर लगाकर नीलामी के लिए अड़ गए थे। बाद में समझाइश के बाद नीलामी शुरू हो गई थी। आज गेहूं के साथ मक्का की आवक ज्यादा थी। गेहूं का ढेर लगाकर नीलामी प्रक्रिया हुई।
- अशोक डेहरिया, सचिव कृषि उपज मंडी।
- कृषि मंडी में गेहूं की आवक ज्यादा है ऐसी स्थिति में मक्का का पाला गिराकर नीलामी कराने में परेशानी है। मंडी में अलग-अलग किसानों से खरीदी करके कृषि मंडी आने वाले लोग पाला गिराकर नीलामी की बात कर रहे थे जिसको लेकर कुछ देर नीलामी बंद रही। बाद में समझाइश के बाद नीलामी शुरू कराई गई।
- प्रतीक शुक्ला, अध्यक्ष छिंदवाड़ा अनाज व्यापारी संघ
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।