दैनिक भास्कर हिंदी: थोक के मुकाबले खुदरा में दोगुनी महंगी बिक रहीं सब्जियां

June 24th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। थोक बाजार के मुकाबले शहर के खुदरा सब्जी बाजारों में सब्जियों के दाम दोगुना से भी अधिक हैं। शहर के विविध क्षेत्रों के सब्जी बाजार में सब्जियों की दरों में भिन्नता है। जो सब्जी कलमना थोक बाजार में 20 रुपए प्रति किलो बिक रही है, वह खुदरा बाजार में 30 रुपए किलो से भी अधिक कीमत पर मिल रही है। दूसरी ओर बाजार में सब्जियों की आवक भी काफी कम हुई है। कारण, बरसात का मौसम शुरू होने के कारण किसान खेतों के काम में लग चुके हैं। बाजार में हैदराबाद, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली आदि राज्यों से सब्जियों की आवक हो रही है। यही कारण है कि बाजार में सब्जियों के दाम आसमान पर हैं। आनेवाले दिनों में सब्जियों के दाम और बढ़ने की संभावना विक्रेताओं द्वारा व्यक्त की जा रही है। 

सुविधाजनक है कॉटन मार्केट की सब्जी मंडी

सब्जी विक्रेता राम महाजन ने बताया कि बाजार में सब्जियां कम आ रही हैं, जिससे दाम ऊपर चढ़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि कॉटन मार्केट स्थित महात्मा फुले सब्जी बाजार बहुत पुरानी थोक मंडी है। इस मंडी से महल, इतवारी, खामला, हिंगना, धरमपेठ, कमाल चौक, सक्करदरा, जैसे मुख्य मार्केटों में माल जाता है। यह मंडी किसानों और छोटे-मोटे विक्रेताओं के लिए बहुत सुविधाजनक है। 

सबसे बड़ी थोक मंडी है कलमना 

सब्जी आढ़तिया सोनू भैसे के अनुसार, कलमना मंडी शहर की सबसे बड़ी थोक मंडी है। यहां विदर्भ के सभी क्षेत्रों से सब्जियों की आवक होती है, लेकिन गत कुछ दिनों से बाजार में सब्जियों की आवक घटी है, जिससे भाव बढ़े हैं। आनेवाले दिनों में आवक में और गिरावट आएगी तथा दाम में बढ़ोतरी होगी। 
{छंटाई नहीं कर सकते : कमाल चौक के खुदरा सब्जी विक्रेता हरिश दयाले से खुदरा और थोक बाजार में सब्जियों के दाम में आनेवाले अंतर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि थोक बाजार में हमें सब्जियां चुनकर नहीं दी जाती है। जब हम सब्जियां खरीदकर लाते हैं तो हमें उसकी छंटाई करनी पड़ती है। इसमें कुछ माल खराब भी हो जाता है। क्वालिटी के हिसाब से सब्जियों का विभाजन किया जाता है। थाेक मंडी से लाने में परिवहन खर्च लगता है। इन सब को जोड़कर खुदरा बाजार में सब्जियों के दाम निर्धारित किए जाते हैं।