दैनिक भास्कर हिंदी: विधानसभा : कुष्ठ रोगियों की तलाश के लिए राज्य में शुरु है अभियान

March 4th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य में कुष्ठरोग के बढ़ते मामलों को देखते हुए 8 फरवरी से कुष्ठरोगियों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया है। 2020 में राज्य में 5281 नए कुष्ठरोगी मिले हैं, जिनमें 450 यानी 8.52 फीसदी 14 साल से कम उम्र के बच्चे हैं। प्रश्नकाल के दौरान स्वास्थ्य राज्यमंत्री राजेद्र पाटील येड्रवकर ने यह जानकारी दी। भाजपा के देवेंद्र फडणवीस, आशीष शेलार, सुधीर मुनगंटीवार कांग्रेस की आदिती शिंदे आदि सदस्यों के सवाल के जवाब में राज्यमंत्री ने कहा कि कुष्ठरोगियों के लिए काम करने वाली आनंदवन जैसी संस्थाओं को अनुदान दिया जाएगा। अगर इसमें कोई कोताही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके अलावा सरकार कुष्ठरोगियों के लिए घर बनाने पर भी विचार कर रही है। 

18 साल से पहले कर दी गई 21.9 फीसदी लड़कियों की शादी 

राज्य में साल 2019-20 में 21.9 फीसदी लड़कियों की शादी 18 साल पूरे होने से पहले कर दी गई। जबकि साल 2015-16 में यह आंकड़ा 26.3 फीसदी था। अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 तक राज्य में प्रशासन बाल विवाह के 394 मामले रोकने में सफल रहा इनमें से 14 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमति ठाकुर ने विधानसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। भाजपा की मेघना बोर्डीकर, बहुजन विकास आघाड़ी के हितेंद्र ठाकुर, भाजपा के योगेश सागर आदि सदस्यों के सवाल के जवाब में मंत्री ठाकुर ने जानकारी दी कि कोरोना संक्रमण के दौरान परभणी जिले में 10 बाल विवाह रोक दिए गए। बालविवाह रोकने के लिए 34 जिलों के 30417 ग्राम बाल संरक्षण समितियां बनाई गईं हैं। 

कोरोना संकट के मद्देनजर बच्चों के लिए घर तक पहुंचाया जा रहा खाद्य पदार्थ 

कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए 3 से 6 साल आयुवर्ग के बच्चों को आंगनवाड़ी में खाना खिलाने की जगह उनके घर खाद्य पदार्थ पहुंचाने की योजना शुरू की गई है। खाना पहुंचाने की जिम्मेदारी फिलहाल महिला बचत गटों की जगह ठेके पर दिया गया है। कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद फिर महिला बचत गटों को जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमति ठाकुर ने विधानसभा में यह जानकारी दी। राकांपा के धर्मराव आत्राम, संजय शिंदे आदि सदस्यों के सवाल के जवाब में मंत्री ठाकुर ने बताया कि अगले आदेश तक आंगनवाड़ियां बंद हैं तब तक बच्चों के घर तक खाना पहुंचाया जाएगा। उन्होंने मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार किया।