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विनायक सावरकर की बात को आगे बढ़ाकर भारतरत्न दिलाना है: बाबा रामदेव

विनायक सावरकर की बात को आगे बढ़ाकर भारतरत्न दिलाना है: बाबा रामदेव

डिजिटल डेस्क, नागपुर। देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह बेशर्मी के साथ बोल देते है कि वह विनायक सावरकर की हिन्दुत्व की विचारधारा से समहत नहीं है। कोई ईसाइयत और इस्लाम की बात करे तो ठीक और हिन्दुत्व की बात करे तो अपराध है क्या? यदि इसे अपराध मानते हैं तो हम सबको यह अपराध करना चाहिए। अभी तो सिर्फ वीर सावरकर को भारत रत्न देने की बात हुई है हमें इसे आगे बढ़ाकर उन्हें भारत रत्न दिलाना है। यह बात याेगगुरु बाबा रामदेव ने कही। साथ ही विरोध करने वालों की प्रतिक्रिया को बेशर्मी हरकत बताया। वह शनिवार को विमानतल पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान बोल रहे थे। यहां से वह अमरावती के पास स्थित मोझरी में राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हुए।

उन्होंने कहा कि विनायक सावरकर के बारे में जो बकवास कर रहे हैं उन्हें एक बार सेल्युलर जेल जाकर देखना चाहिए कि उन्होंने और उनके परिवार ने कितनी यातनाएं झेली। आजादी में उनका कितना बड़ा योगदान है। लोग बोल रहे हैं कि उन्होंने अंग्रेजों के लिए पत्र लिखा, हमें यह समझना चाहिए कि कूटनीति भी कुछ होती है। वह बाहर आकर देश के लिए कुछ करना चाहते थे। महात्मा गांधी ने भी पत्र लिखा था कि अंग्रेजी साम्रज्य की सेवा करना भारतीयों का धर्म है, ऐसे में कोई उनके बारे में कुछ नहीं कहता है? चर्चा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की तारीफ की और राष्ट्र सुरक्षा के िलए 370 धारा को हटाना ऐतिहासिक निर्णय बताया।

नागपुर का प्रोजेक्ट इसी साल आरंभ होगा
उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि संतरानगरी के प्रोजेक्ट में कुछ खामियां थी जिनको दूर कर लिया गया है। हमें जिस लोग की आवश्यकता थी वह लोग भी मिल गया है। इसी साल से यह प्रोजेक्ट आरंभ हो जाएगा। यहां बता दें कि यह प्रोजेक्ट दीपावली पर आरंभ होने वाला था लेकिन नहीं हो सका, वहीं लोन कहां से मिला इस सवाल को रामदेव बाबा टाल गए।

देश में आर्थिक चुनौतियां
मंदी के सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा कि देश में आर्थिक चुनौतियां है और उसके लिए एक मजबूत सरकार व इरादे की जरुरत है। नीतियों में परिवर्तन की जरुरत है जो किया जा रहा है।

राम मंदिर बनना अब सुनिश्चित  
उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनना अब सुनिश्चित है, राम मंदिर सिर्फ मंदिर का मसला नहीं है वह हमारी अस्मिता, सम्मान और स्वाभिमान का प्रश्न है? कोई भी राष्ट्र आत्मसम्मान के साथ जिंदा रहता है। राम मंदिर सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह बनवा सकते है। उसके लिए एक राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरुरत होती है और साथ ही इस विषय को लेकर देश में धार्मिक और सामाजिक तौर पर अराजकता पैदा नहीं होंगे देंगे। उच्चतम न्यायालय के आदेश के पूर्व राम मंदिर बनने के सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा कि राम मंदिर अयोध्या में नहीं तो क्या मक्का-मदीना में बनेगा?

महाराष्ट्र में फडणवीस का कोई विकल्प नहीं
बाबा रामदेव ने कहा कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का कोई विकल्प नहीं है। विपक्ष राज्य ही नहीं बल्कि केन्द्रीय स्तर पर हादसे का शिकार हो गया है। विपक्ष के पास कोई नेतृत्व ही नहीं है। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के पास उद्धव और आदित्य ठाकरे जैसा मजबूत पार्टनर है।

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