comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

अपने जैविक माता-पिता को तलाशने मुंबई पहुंची महिला - कोर्ट से मिली राहत

अपने जैविक माता-पिता को तलाशने मुंबई पहुंची महिला - कोर्ट से मिली राहत

डिजिटल डेस्क, मुंबई । जैविक माता-पिता की तलाश में महाराष्ट्र में आई विदेशी महिला को बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहत प्रदान की है। यह विदेशी महिला स्विट्जरलैंड की नागरिक है। न्यायमूर्ति अकिल कुरैशी व न्यायमूर्ति एसजे काथावाला की खंडपीठ के समक्ष सहायक सरकारी वकील ने कहा कि नियमानुसार तीसरे व्यक्ति को गोद लिए गए शख्स के बारे में सूचनाएं व दस्तावेज देने की अनुमति नहीं है। जबकि याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि मेरी मुवक्किल ने एक महिला को लिखित रूप में पावर ऑफ अटॉर्नी देकर अपने दत्तक से जुड़ी जानकारी  उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत रूप से नियुक्त किया है। ऐसे में सरकारी अधिकारियों से असहयोग की अपेक्षा नहीं की जा सकती है।

मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि गोद लिए गए बच्चे से जुड़ी गोपनीय व संवेदनशील  जानकारी साझा करने से रोकने के लिए सरकार की ओर से बनाए गए नियम सराहनीय हैं। ले किन जिसे गोद लिया गया है  यदि वह स्वयं किसी तीसरे व्यक्ति को पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए नियुक्त करता है तो ऐसी स्थिति में उस अधिकृत व्यक्ति को जानकारी देनी चाहिए। यह कहते हुए खंडपीठ ने दत्तक से जुड़े प्राधिकरण को  विदेशी महिला से संबंधित जानकारी उस महिला को देने को कहा है जिसे विदेशी महिला ने पावर ऑफ अटॉर्नी  दी है। खंडपीठ ने इस विषय पर विदेशी महिला को एक हलफनामा भी देने को कहा है। उसमें स्पष्ट करने को कहा है कि जानकारी देने के बाद वह खुद से जुड़ी गोपनीयता के भंग होने का दावा नहीं करेगी। यह कहते हुए याचिका को समाप्त कर दिया। 

हाईकोर्ट में दायर की याचिका
स्विट्जरलैंड के एक दंपति ने 1978 में मुंबई के आशा सदन से गोद लिया था। अब यह महिला अपनी जड़ों की तलाश में मुंबई आई है। दत्तक से जुड़े विभाग से अपने जैविक माता-पिता की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। चूंकि उसके लिए स्विट्जरलैंड से बार-बार भारत आ पाना संभव नहीं है। इसलिए उसने पुणे की एक महिला को अपने दत्तक से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी दी है। लेकिन राज्य में दत्तक से जुड़े सरकार के प्राधिकरण से संबंधित अधिकारी उस महिला के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। लिहाजा विदेशी महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

महिला को गर्भपात की नहीं मिली अनुमति
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गर्भपात को लेकर अदालत द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा दिए गए मत पर दूसरे मेडिकल बोर्ड की राय लेने की मांग को अस्वीकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट द्वारा गठित किए गए मेडिकल बोर्ड पर दूसरी राय लेना पहले बोर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना जैसे होगा इसलिए हम इस तरह की मांग को स्वीकार नहीं कर सकते है। यह कहते हुए खंडपीठ ने महिला को गर्भपात की इजाजत देने से इनकार कर दिया। दरअसल, एक महिला ने 24 सप्ताह के भ्रूण के गर्भपात की अनुमति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में भ्रूण के हृदय में विसंगति होने का दावा किया गया था।  लिहाजा हाईकोर्ट ने पुणे के ससून अस्पताल को महिला के भ्रूण की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन करने का निर्देश दिया था। मेडिकल बोर्ड ने अपने रिपोर्ट में साफ किया था कि महिला के भ्रूण की गड़बड़ी को बच्चे के जन्म के बाद इलाज से ठीक किया जा सकता है। 


 

कमेंट करें
IVPjd
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।