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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर परिवार को मिला तोहफा, एक साथ जन्मे तीन बच्चे ,सभी स्वस्थ्य

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर परिवार को मिला तोहफा, एक साथ जन्मे तीन बच्चे ,सभी स्वस्थ्य

डिजिटल डेस्क,छिंदवाड़ा/पांढुर्ना। शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आदिवासी अंचल के ग्राम धनोरा के रहने वाले युवा किसान संतोष आहाके का परिवार खुशियों से भर गया। शुक्रवार की सुबह नांदनवाड़ी के सरकारी अस्पताल में संतोष की पत्नी मीना ने सामान्य प्रसव में तीन नवजात शिशुओं को जन्म दिया। एक साथ जन्मे तीनों नवजात शिशु स्वस्थ है। तीनों की किलकारियों से नांदनवाड़ी सीएचसी अस्पताल गूंज उठा।

हुआ सामान्य प्रसव

बताया जा रहा है कि मीना पति संतोष उईके(26) को शुक्रवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद पति संतोष ने उसे विषेष वाहन से मीना को नांदनवाड़ी के सरकारी अस्पताल लाकर भर्ती कराया। यहां नर्स राधा नामदेव ने सामान्य प्रसव कराना शुरू किया, करीब आधे घंटे बाद मीना ने तीन नवजात शिशुओं को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा और सभी बच्चों को 108 एंबुलेंस से पांढुर्ना के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में लाकर भर्ती कराया। यहां शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ.मिलिंद गजभिए ने शिशुओं को अटेंड किया और यहां एनबीएसयू में तीन नवजात शिशुओं को रखा गया। मीना और संतोष की पांच साल पहले शादी हुई है और उन्हें चार साल की एक बेटी है। शुक्रवार की सुबह तीन बेटों के जन्म से परिवार में खुशी छा गई।

कम वजन के चलते छिंदवाड़ा किया रेफर

डॉ.मिलिंद गजभिए ने बताया कि मेडीकल प्रोटोकाल के तहत दो किलो से कम वजन होने के चलते शिशु को एनबीएसयू में रखा जाता है। एक साथ जन्मे तीनों शिशु फिलहाल स्वस्थ है, पर उनका वजन कम है। एक बच्चा 1.68, दूसरा बच्चा 1.61 और तीसरा बच्चा 1.25 किलो का है। ऐसे में तीनों बच्चों का वजन दो किलो से कम होने की स्थिति में पहले एनबीएसयू में रखा गया। उन्होंने बताया कि बच्चों के बेहतर सेहत को लेकर जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ.सुशील राठी से चर्चा की गई, जिसके बाद उन्होंने बच्चों की स्थिति को समझते हुए छिंदवाड़ा रेफर करने की बात कही, जिसके बाद माता सहित तीनों बच्चों को छिंदवाड़ा रेफर किया गया।

एक रोता है तो दोनों भी साथ देते है

शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ.मिलिंद गजभिए ने बताया कि एक साथ तीन बच्चों के जन्म लेने को वैज्ञानिक भाषा में त्रिपलेट कहते है। सामान्य तौर पर जुड़वा बच्चे जन्म लेते है, त्रिपलेट बच्चे होने के कुछ ही प्रसव सामने आते है। ऐसी स्थिति में सामान्य प्रसव होना आश्चर्यजनक है। उन्होंने बताया कि एक साथ जन्म लेने वाले बच्चों में एक विशेष तरह का जुड़ाव होता है। जैसे एक बच्चा रोता है, तो अन्य दोनों बच्चे भी रोते हुए उसका साथ देते है। चूंकि मीना छोटे गांव की रहने वाली है और घरेलू व खेती-किसानी के काम भी करती है। इसके बावजूद उसका तीनों बच्चों को सुरक्षित रखना और सामान्य प्रसव होना भी आश्चर्यजनक है।
 

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