दैनिक भास्कर हिंदी: श्मशान घाट के भीतर लगी भीषण आग, लाखों की लकड़ियां जलकर हो गई खाक

June 26th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। श्मशान घाट के भीतर रखी लाखों रुपए की लकड़ी जलकर खाक हो गई। घटना सहकार नगर घाट की है। आग घाट परिसर में टिन शेड के अंदर रखी लकड़ियों के ढेर में लगी थी। चार दमकल वाहनों ने करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। बताया जाता है कि श्मशान घाट के अंदर आग लगने की सूचना मिलने पर सोनेगांव थाने की पुलिस भी पहुंची थी। सहकार नगर घाट पर हर माह 70 से अधिक शव जलते हैं।

मनपा शहर के घाटों के ठेकेदारों को एक शव के लिए 2200 रुपए देती है। यह रकम तब मिलती है, जब घाट के कर्मचारी शवों की सर्टिफाइड कॉपी मनपा के जन्म-मृत्यु विभाग के पास भेजते हैं। आगजनी की घटना में जली लकड़ियों के नुकसान की भरपाई मनपा नहीं करती है।

करीब 35 टन लकड़ियां रखी थीं
नरेंद्र नगर फायर स्टेशन के अधिकारी नाकोड ने बताया कि आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है। सहकार नगर में रात के समय सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। इस घाट का ठेका, ठेकेदार व लकड़ी कारोबारी भूपेश चामट ने लिया है। घाट पर शवों को जलाने के लिए साढ़े 7 मन लकड़ी दी जाती है। ठेकेदार भूपेश चामट ने करीब 30-35 टन  लकड़ियां टिन शेड के अंदर रखी थी।

इन लकड़ियों की देख-रेख करने के लिए पास के ही मकान में उनका एक नौकर रहता है। तड़के करीब 3.15 बजे जब वह लघुशंका के लिए उठा, तब उसे घाट पर टिन शेड के अंदर लकड़ियों के ढेर में आग लगी हुई नजर आई। उसने इस बारे में ठेकेदार को सूचना दी। उसके बाद दमकल विभाग को जानकारी दी गई।

तेजी से फैली आग
आग लगने की सूचना मिलने पर नरेंद्र नगर फायर स्टेशन के अधिकारी नाकोड सहयोगियों के साथ घाट पर पहुंचे, तब तक आग ने पूरे टिन शेड को चपेट में ले लिया था। लकड़ियां रही थीं। शेड के अंदर पुरानी सूखी लकड़ियां भी होने से आग तेजी से फैल गई। नाकोड ने आग की भयावहता को देखते हुए कॉटन मार्केट और सक्करदरा से भी दो दमकल वाहनों को बुलाया। चार दमकल वाहनों के कर्मचारियों ने चारो ओर से पानी की बौछारें करते हुए आग पर काबू पाया।

सोनेगांव पुलिस भी मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने सुबह करीब 7.15 बजे तक आग पर काबू पाया। आग में कितने का नुकसान हुआ, इस बारे में नाकोड का कहना है कि इसकी छानबीन चल रही है।