comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

ओपीएम प्रबंधन की लापरवाही से हुई थीकर्मचारी की मौत - यूनियन ने लगाए लापरवाही के आरोप

ओपीएम प्रबंधन की लापरवाही से हुई थीकर्मचारी की मौत - यूनियन ने लगाए लापरवाही के आरोप

मशीन में नहीं था इमरजेंसी ब्रेक, खराब होने पर प्रबंधन ने हटवा दिया था
डिजिटल डेस्क शहडोल ।
ओरियंट पेपर प्लांट (ओपीएम) में सोमवार को हुए हादसे के बाद कर्मचारी आक्रोशित हैं। उन्होंने हादसे के लिए पूरी तरह से प्रबंधन का जिम्मेदार ठहराया है। कागज कारखाना मजदूर संघ के प्रतिनिधि सदस्य भूषण दुबे ने आरोप लगाया कि जिस मशीन में फंसने से असिस्टेंट ऑपरेटर की मौत हुई है, उसमें इमरजेंसी ब्रेक नहीं था। सेफ्टी मेजर के तहत मशीन में लगा इमरजेंसी ब्रेक पिछले दिनों खराब हो गया था। लेकिन प्रबंधन ने सुरवाने के बजाय इसे हटवा दिया (बाइपास करा दिया) था।   
   हादसे के बाद कर्मचारी काफी आक्रोशित थे। यूनियन के नेताओं के साथ काफी संख्या में कर्मचारी ओपीएम के हॉस्पिटल के सामने एकत्र हो गए। उनका आरोप था कि प्लांट में कर्मचारियों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। इतना ही नहीं नॉन टेक्निकल कर्मचारियों से टेक्निकल काम कराए जा रहे हैं, जो लगातार हो रहे हादसों का प्रमुख कारण है। स्थिति बिगड़ते देख अमलाई सहित बुढ़ार और धनपुरी थाने से पुलिस बल बुला लिया गया। वहीं एसडीएम सोहागपुर धर्मेंद्र मिश्रा, एसडीओपी बुढ़ार भरत दुबे, तहसीलदार बुढ़ार भरत सोनी सहित तीनों थानों के प्रभारी भी पहुंच गए थे। जैतपुर विधायक मनीषा सिंह भी मौके पर पहुंची और आक्रोशित कर्मचारिचयों से बात कर उनको शांत कराया। 
पांच वर्ष तक दिया जाए वेतन
कर्मचारियों ने कहा कि हमारी मांग सिर्फ इतनी है कि मृतक का बेटा अभी 13 वर्ष का है। पांच वर्ष बाद उसकी नौकरी लग पाएगी। तब तक परिवार को कर्मचारी का पूर्ण वेतन दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की मौत से प्रबंधन को कोई मतलब नहीं है। डेढ़ बजे की घटना है, लेकिन जीएम और सीईओ शाम तक मृतक को देखने तक नहीं पहुंचे। एचआर हेड हेम पांडे को बातचीत के लिए भेज दिया था। हालांकि शाम को सीईओ कर्मचारियों से बात करने के लिए पहुंचे।
परिवार के साथ कॉलोनी में रहते थे मिश्रा, सुबह की शिफ्ट में थी ड्यूटी
हादसे का शिकार हुए रीवा निवासी राकेश मिश्रा ओपीएम कॉलोनी में पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। वे सुबह की शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे थे। ्रपेपर कटिंग सेक्शन के बाइडिंग मशीन के असिस्टेंट ऑपरेटर मिश्रा का काम मशीन में पेपर को रोल करना और यह देखना था कि पेपर कहीं मुड़ा तो नहीं। बताया जाता है कि जैसे ही उन्होंने मशीन में हाथ डालकर पेपर चेक करने की कोशिश की, वह मशीन के चपेट में आ गए।
इनका कहना है
मामले पर संज्ञान लेते हुए मर्ग कायम कर लिया गया है। चूंकि ओपीएम औद्योगिक संस्था है, तो इंड्रस्ट्रियल सेफ्टी वाले इसकी जांचकर रिपोर्ट देंगे। उस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  
सत्येंद्र कुमार शुक्ल, एसपी शहडोल
हादसे के बाद कर्मचारी काफी आक्रोशित थे। उनका कहना था कि सीईओ बात करने नहीं आए। बाद में सीईओ वहां पहुंचे थे। उन्होंने सभी से बात की। मामले का समाधान हो गया है। नियमानुसार राहत दिलाने पर सहमति बनी है। 
धर्मेंद्र मिश्रा, एसडीएम सोहागपुर  
जो भी एग्रीमेंट में होगा उसी के आधार पर मृतक के परिजनों को कंपनी की ओर से सहायता दी जा सकती है। पांच वर्ष तक परिवार को वेतन देने के बारे में कंपनी के एमडी से बात करूंगा। 
अजय गुप्ता, सीईओ ओपीएम
 

कमेंट करें
sNOJP
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।