Panna News: पीटीआर से सटे गांवों में बाघिन की दस्तक से ग्रामीणों की सुरक्षा बड़ा खतरा

पीटीआर से सटे गांवों में बाघिन की दस्तक से ग्रामीणों की सुरक्षा बड़ा खतरा
पन्ना टाइगर रिजर्व से सटे हुए जसवंतपुरा और विक्रमपुर गांव के बाद अब बाघिन की दस्तक तारा गाँव तक पहुंच गई है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंघन पिछले कई दिनों से बाघिन को कोर क्षेत्र तक खदेडऩे के लिए हाथियों की मदद ले रहा है

Panna News: पन्ना टाइगर रिजर्व से सटे हुए जसवंतपुरा और विक्रमपुर गांव के बाद अब बाघिन की दस्तक तारा गाँव तक पहुंच गई है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंघन पिछले कई दिनों से बाघिन को कोर क्षेत्र तक खदेडऩे के लिए हाथियों की मदद ले रहा है किन्तु पीटीआर को इस अभियान में सफलता नहीं मिल पा रही है। रिहायशी क्षेत्र में पहुंचने के बाद बाघिन द्वारा पशुओं के शिकार का सिलसिला भी जारी है। तारा गांव पहुंची बाघिन द्वारा गांव की सीमा पर डेरा जमाया और सुबह दो बछड़ो का शिकार कर डाला।

बाघिन के गांवों तक पहुंचने के दौरान लोग जान जोखिम में डालकर वीडियों बना रहे हैं और इसके चलते खतरे की स्थिति भी बनी हुई है। ग्राम तारा की सीमा क्षेत्र में बाघिन द्वारा दो बछड़ो का शिकार किए जाने की जानकारी मिलने के बाद पीटीआर प्रबंधन फिर से अलर्ट पर आ गया है। आबादी वाले क्षेत्र से खदेडऩे के लिए वन विभाग द्वारा चार हाथियों की मदद ली जा रही है। इन्हीं हाथियों द्वारा पहले भी बाघिन को दो बार जंगल की ओर खदेड़ा गया था।

बाघिन को ट्रंकुलाइज कर रेस्क्यू करने का भी विकल्प

पन्ना टाइगर रिजर्व द्वारा फिलहाल हाथियों की मदद से बाघिन को जंगल में खदेडऩे के लिए प्रयास किए जा रहे है। इसमें सफलता नहीं मिलने की स्थिति में बाघिन को ट्रंकुलाइज कर रेस्क्यू करने का भी विकल्प है। परिक्षेत्र अधिकारियों और हाथियो की टीम के साथ राजस्व विभाग का अमला भी तैनात है। पीटीआर के उपसंचालक बी.के. पटेल ने बताया कि यह बाघिन टी-२१३ की तीसरी संतान है।


Created On :   27 April 2026 4:11 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story