Panna News: पंचायत मुख्यालय के ग्राम बरहोंकुदकपुर में गहराया जल संकट, गांव में स्थापित चार में से दो हैण्डपम्प खराब, दो में न के बराबर निकल रहा है पानी

पंचायत मुख्यालय के ग्राम बरहोंकुदकपुर में गहराया जल संकट, गांव में स्थापित चार में से दो हैण्डपम्प खराब, दो में न के बराबर निकल रहा है पानी
पन्ना विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत के मुख्यालय ग्राम बरहोंकुदकपुर मेंं गर्मी के दस्तक के साथ ही जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। करीब १५०० आबादी वाले गांव में ग्रामीणों को पेयजल व्यवस्था के लिए जो प्रबंधन किए गए है वह ठप्प पड़ गए है।

Panna News: पन्ना विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत के मुख्यालय ग्राम बरहोंकुदकपुर मेंं गर्मी के दस्तक के साथ ही जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। करीब १५०० आबादी वाले गांव में ग्रामीणों को पेयजल व्यवस्था के लिए जो प्रबंधन किए गए है वह ठप्प पड़ गए है। पीएचई विभाग द्वारा ग्रामीणों की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति हेतु गांव में अलग-अलग जगह पर कुल ०४ हैण्डपम्प स्थापित किए गए थे इनमें से ०२ हैण्डपम्प एक साल से भी अधिक समय से खराब होकर बंद पड़े हुए है गांव के लोग शेष जो दो हैण्डपम्पों से पानी लेते है जल स्तर नीचे चले जाने से जो दो हैण्डपम्प चालू है उनसे अब नाममात्र ही पानी निकल रहा है और हैण्डपम्प से पानी भरने पहुंचने वाले लोगों को हैण्डपम्प में पानी आने के लिए घंटो तक इंतजार करना पड़ता है।

ग्राम पंचायत द्वारा गांव में स्थित एक कुंए में एक मोटर डालकर पाइप लाइन के जरिए गांव के अलग-अलग ३-४ क्षेत्रों में नल की पानी की व्यवस्था कर सप्लाई दी जा रही थी जहां से ग्रामीण अपने घरों में पानी ले जाकर काम चला रहे थे। करीब एक पखवाड़े से कुंए में लगी मोटर जल गई है जिसे पंचायत द्वारा जो जल प्रदाय व्यवस्था बनाई गई थी वह भी ठप्प पड़ गई है जिसके चलते पूरे गांव में पानी की समस्या से लोग परेशान है। लोगों को पेयजल और निस्तार के साथ ही पशुधन के लिए पानी की व्यवस्था के लिए दिनभर परेशान होना पड़ा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस कुंए से पानी की सप्लाई होती है उसमें भी न के बराबर पानी है। मोटर चालू भी हो जाये तो भी इतना पानी नहीं रहता है कि गर्मियों के समय कुछ राहत मिलेगी।

आधा किलोमीटर दूर बावड़ी पर निर्भर गांव, वह भी सूखने की कगार में

ग्राम पंचायत बरहोंकुदकपुर में पानी की समस्या को लेकर पूरा गांव परेशान है कुंए से सप्लाई बंद हो चुकी है हैण्डपम्पों से पानी नहीं निकल रहा है ऐसे में गांव के लोग लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित एक बावड़ीनुमा झिरिया से निकलने वाले पानी पर निर्भर है और दिनभर यहां पर पानी के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है। महिलाएं, बच्चियां झिरिया से पानी लेने के लिए बर्तन सिर में रखकर पहुंचती है और भरकर घर लाती है इसके साथ ही साथ ग्रामीण व बच्चे साइकिल से डिब्बों में पानी भरकर अपने घर ले जाते है। झिरिया भी जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है सूखने की स्थिति में आ गई है। रातभर में जो पानी रिसता है उससे लोग दिन में भरकर अपने घरों तक ले जाकर काम चला रहे हैं।

बावड़ी सूखने पर दो किलोमीटर दूर पानी के लिए नदीं जाना होगा

गांव में पेयजल के स्त्रोत जबाव दे चुके है लोग अभी बावड़ी झिरिया से पानी लाकर काम चला रहे है। स्थानीय लोगों के अनुसार झिरिया से भी ज्यादा से ज्यादा १५ दिन तक और पानी मिलेगा इसके बाद पानी के लिए गांव से करीब ०२ किलोमीटर दूर स्थित बाघिन नदीं लोगों को जाना पड़ेगा तब समस्या और बढ़ जायेगी। ग्रामीणों की मांग है कि पानी की व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन को टैंकरो से सप्लाई की व्यवस्था करनी होगी जिससे लोगो कुछ राहत मिलेगी।

इनका कहना है

गांव में पानी की समस्या है इसके बारे में जनपद पंचायत के अधिकारियों को जानकारी देकर समाधान के लिए अनुरोध करूंगा यदि अनुमति मिली तो टैंकर से परिवहन कर गांव में पानी की व्यवस्था की जायेगी।

बृजेन्द्र सिंह बुंदेला

सचिव ग्राम पंचायत बराहोकुदकपुर

जनपद पंचायत पन्ना

Created On :   28 March 2026 2:33 PM IST

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