मैहर में चैत्र नवरात्र मेला आज से: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसएएफ की दो कंपनियों के साथ 560 जवान तैनात

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसएएफ की दो कंपनियों के साथ 560 जवान तैनात
जमीन से लेकर आसमान तक की जाएगी निगरानी

डिजिटल डेस्क,सतना। पवित्र नगर मैहर में चैत्र नवरात्र मेला आज से प्रारंभ हो रहा है, जिसमें आगामी 9 दिनों तक देशभर से लाखों भक्तों के पहुंचने की संभावना है, जिसको देखते हुए जिला प्रशासन के साथ पुलिस महकमे ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रथम दिवस पर डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है।

संपूर्ण मेला क्षेत्र की कमान एडिशनल एसपी डॉ. चंचल नागर को सौंपी गई है, जिनके साथ 2 एडिशनल एसपी, 8 डीएसपी, 10 इंस्पेक्टर, 15 सब इंस्पेक्टर समेत 560 पुलिस जवान मोर्चा संभालेंगे।

बुधवार शाम को देवी जी चौकी परिसर में पुलिस बल को संबोधित करते हुए एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस मुख्यालय से 500 का बल प्राप्त हुआ है, जिसमें मंडला से 34वीं बटालियन एसएएफ की दो कंपनी के साथ पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली का जिला बल एवं पीटीएस छिंदवाड़ा के प्रशिक्षु जवान शामिल हैं।

7 जोन और 4 वाहन पार्किंग

संपूर्ण मेला क्षेत्र को 7 जोन में विभाजित किया गया है। मंदिर के गर्भगृह में तीन शिफ्ट और शेष मेला क्षेत्र में दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जा रही है। छोटे-बड़े वाहनों को रोकने के लिए 4 पार्किंग चिन्हित की गई हैं, तो वहीं यातायात अमले को ट्रैफिक संभालने का टास्क दिया गया है।

भीड़भाड़ में अपनों से बिछड़ने वाले बच्चों, बुजुर्गो और महिलाओं की सहायता के लिए भी विशेष दल बनाने के साथ सिविल ड्रेस में टीम दौड़ाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि दर्शनार्थियों के साथ सहज और सरल व्यवहार कर सहयोग की भावना रखते हुए ड्यूटी करनी है।

सवा सौ सीसीटीवी और 2 ड्रोन से निगरानी

मेला क्षेत्र में निगरानी के लिए पुलिस और मंदिर प्रबंध समिति के 125 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को चालू किया गया है, तो वहीं मंदिर के ऊपरी हिस्से और शेष मेला क्षेत्र पर 2 ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा वाहन पार्किंगों में अलग से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश संबंधितों को दिए गए हैं।

पुलिस बल के अलावा फॉरेस्ट, एमपीईबी और नगर पालिका के दस्ते भी समन्वय बनाकर मेला सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग करेंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन के साथ आरपीएफ, जीआरपी और रेल प्रशासन से भी समन्वय बनाया गया है। प्रतिदिन सुबह 3 बजे श्रृंगार पूजा और आरती के बाद 4 बजे आमजन के लिए मंदिर के पट खोले जाएंगे।

Created On :   19 March 2026 2:03 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story