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Shahdol News: जांच चलने तक नहीं होगा विवेकानंद के इस्तीफे पर विचार, और उन्हें निलंबन समाप्ति का इंतजार

Shahdol News: ट्रैफिक जागरूकता के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से दुनियाभर में करोड़ों फॉलोवर्स बनाने वाले शहडोल यातायात विभाग के प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी द्वारा 10 जून को एसपी शहडोल के नाम दिए गए इस्तीफे पर तब तक विचार नहीं होगा जब उनके खिलाफ जांच चल रही है। उन्हे बिना सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और सोशल मीडिया में वीडियो बनाकर निजी लाभ एवं प्रचार के लिए अपलोड करने के आरोंपों पर 3 जून को निलंबित किया गया था। इसके दो दिन बाद सोशल मीडिया पोस्ट से पीड़ा बयां की। उन्होंने यह भी बताया कि निलंबन अब तक समाप्त नहीं हुआ है, इसलिए ड्यूटी पर वापसी नहीं की है। उन्होंने बताया कि अब ड्यूटी में वापस आने के बाद भी वर्दी में वीडियो नहीं बनाउंगा। क्योंकि इसी से कन्फ्यूजन होता है।
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पुलिस अधिकारी और प्रधान आरक्षक विवेकानंद के बीच क्या चल रहा ऐसे समझें-
आरोप 1- अतिरिक्त आय की जानकारी समय पर नहीं दी : अन्य स्रोतों से अर्जित आय की जानकारी समय पूरी प्रक्रिया के साथ देनी थी। जांच में पता चला है कि चार साल के दौरान पत्नी के नाम से चल रहे ज्वाइंट अकाउंट में एक करोड़ रूपए आए। 2022 मेें दिए गए पत्र में आय संबंधी जानकारी स्पष्ट नहीं है।
जवाब 1 - और कितने पुलिस अधिकारियों की आय जानने ऐसा नोटिस जारी हुआ : मामले की शुरूआत 31 मार्च को आय संबंधी नोटिस मिलने से हुआ। मन तभी से परेशान था। यह भी सवाल था कि आखिर पुलिस विभाग के और कितने अधिकारियों को आय और उसका स्रोत जानने ऐसा नोटिस जारी हुआ। पत्नी के नाम से चल रहे सोशल मीडिया अकाउंट से आय के बारे में 2022-2023 में जानकारी दी गई थी।
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.आरोप 2 - मई में जयस्तंभ चौक पर ड्यूटी लगाने पर कुछ दिन बाद नदारत रहने लगे। 19 मई को बीमार होने की बात कहने के कुछ दिन बाद ही धुरवार टोल नाका के पास का वीडियो सामने आया। यातायात थाना प्रभारी संजय जायसवाल ने जांच के लिए वीडियो क्लिप भेजा।
जवाब 2 - 19 मई को 2 बजे से ड्यूटी थी, सुबह तबियत बिगडऩे पर मेडिकल गया, लौटते ही ट्रैफिक थाना में सोनू ङ्क्षसह को फोन कर पूरी जानकारी दी। सोने के पहले पर्ची व्हाटसअप पर डाला। इस मामले में स्थानीय अधिकारियों ने एसपी को अंधेरे में रखा।
.आरोप 3 - जांच के बीच विवेकानंद तिवारी ने 10 जून को इस्तीफा दिया, इसमें परेशान होने की बात कही। जांच के दौरान आए ऐसे इस्तीफे पर विचार नहीं होता।
जवाब 3 - 26 मई को दो-दो नोटिस से परेशान था कि 3 जून को निलंबन हो गया। आखिर क्या करता, परेशान होकर न चाहते हुए भी 10 जून को इस्तीफा लिखना पड़ गया।
.आरोप 4 - सेफ क्लिक व पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के वीडियो बनाकर देने की बात कही गई पर कुछ दिन के बाद वीडियो आना बंद हो गया। निर्देश को मानते तो मीडिया सेल में ही ड्यूटी लगा देते।
जवाब 4 - लगातार एक वीडियो दे रहा था, लेकिन कुछ दिन बाद रिस्पांस नहीं आया। मुझे लगा कि बिना रिस्पांस वीडियो देने पर अधिकारी नाराज ना हो जाएं, इसलिए नहीं दिया। जहां तक बात मीडिया सेल में ड्यूटी की है तो कहने की क्या बात है आदेश जारी कर देना था
Created On :   6 July 2026 2:42 PM IST













