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कन्कशन प्रोटोकॉल: जडेजा टी-20 सीरीज से बाहर, टीम से जुड़ा यह खिलाड़ी

कन्कशन प्रोटोकॉल: जडेजा टी-20 सीरीज से बाहर, टीम से जुड़ा यह खिलाड़ी

हाईलाइट

  • 'जडेजा पारी पूरी करने के बाद चक्कर महसूस कर रहे थे'
  • अंतिम ओवर में जडेजा के हेलमेट में गेंद लगी थी
  • उनके विकल्प के तौर पर युजवेंद्र चहल मैच में उतरे

डिजिटल डेस्क, मुम्बई। ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा आस्ट्रेलिया के साथ जारी तीन मैचों की टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह तेज गेंदबाज शार्दूल ठाकुर को टीम में शामिल किया गया है। सीसीआई ने एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की। बीसीसीआई ने कहा है कि जडेजा अभी भी बीसीसीआई की मेडिकल टीम की निगरानी में हैं। शनिवार को उनके कुछ जरूरी स्कैन होने हैं।

इसके बाद अखिल भारतीय चयन समिति ने ठाकुर को टी-20 सीरीज के लिए टीम में शामिल किया। वह तीन मैचों की वनडे सीरीज में टीम का हिस्सा थे और तीसरे मैच में खेलते हुए प्रभावशाली गेंदबाजी भी की थी। जडेजा को शुक्रवार को कैनबरा में आयोजित पहले टी-20 मुकाबले के दौरान सिर पर चोट लगी थी। वह कनकशन में चले गए थे और उनकी जगह स्पिनर युजवेंद्र चहल ने गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट हासिल किए थे। भारत ने यह मैच जीतते हुए तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की लीड ले ली है।

भारतीय बल्लेबाज संजू सैमसन ने शुक्रवार को कहा कि रवींद्र जडेजा भारतीय पारी पूरी करने के बाद चक्कर महसूस कर रहे थे, जिसके बाद उनके विकल्प के तौर पर उतारे गए युजवेंद्र चहल ने सभी को दिखाया कि किसी भी समय मिले मौके के लिए कैसे तैयार रहना चाहिए। सैमसन ने मैच के बाद वर्चुअल मीडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों से कहा कि उनके हेलमेट में अंतिम ओवर (मिशेल स्टार्क के) में गेंद लगी और जब वह ड्रेसिंग रूम में आए थे, तो फिजियो (नितिन पटेल) ने उनसे पूछा कि उन्हें कैसा लग रहा है। उन्होंने (जडेजा ने) कहा कि वह थोड़े चक्कर महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानता कि जड्डू भाई कैसा महसूस कर रहे हैं क्योंकि फिजियो उनकी देखभाल कर रहे हैं। वह जडेजा के टी-20 सीरीज से बाहर होने या नहीं होने के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि कन्कशन प्रोटोकॉल के अनुसार खिलाड़ी को एक हफ्ते के आराम दिया जाता है, जिसका मतलब है कि वह अगले दो मैचों के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।