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IPL 2020: खराब होटल रूम और धोनी से विवाद के चलते IPL छोड़ भारत लौटे सुरेश रैना!, CSK ने कहा- सफलता उनके सिर चढ़कर बोल रही है

IPL 2020: खराब होटल रूम और धोनी से विवाद के चलते IPL छोड़ भारत लौटे सुरेश रैना!, CSK ने कहा- सफलता उनके सिर चढ़कर बोल रही है

हाईलाइट

  • CSK के मालिक एन श्रीनिवासन टीम के स्टार ऑलराउंडर सुरेश रैना के IPL छोड़ने से नाखुश
  • श्रीनिवासन ने कहा- रैना को जल्द समझ आएगा कि वे कितना कुछ खो रहे हैं, खासकर पैसा

डिजिटल डेस्क। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मालिक और पूर्व BCCI अध्यक्ष एन श्रीनिवासन टीम के स्टार ऑलराउंडर सुरेश रैना के IPL छोड़ने से नाखुश हैं। उन्होंने एक बयान में पुष्टि करते हुए कहा है कि, सुरेश रैना खराब होटल रूम और कोरोना वायरस के डर की वजह से IPL छोड़कर भारत वापस लौट आए हैं। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खराब कमरे को लेकर CSK के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से रैना का विवाद होने की बात भी सामने आ रही है।

श्रीनिवासन ने एक इंटरव्यू में कहा कि, होटल रूम को लेकर रैना और टीम के कप्तान एमएस धोनी के बीच विवाद हुआ। धोनी ने रैना को मनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने और टूर्नामेंट छोड़ने का फैसला किया। श्रीनिवासन ने यहां तक कहा कि, सफलता उनके सिर चढ़कर बोल रही है। रैना के यूं अचानक टीम का साथ छोड़ने से धक्का लगा है, लेकिन कप्तान धोनी ने स्थिति को संभाल लिया है। 

कई बार सफलता आपके सिर चढ़ जाती है
श्रीनिवासन ने कहा, टूर्नामेंट अभी शुरू भी नहीं हुआ है और रैना को जल्द ही पता चल जाएगा कि वे क्या खो रहे हैं। खासकर पैसा, जो उन्हें मिलता है। उन्होंने कहा कि, रैना एपिसोड से टीम उबर चुकी है। मैं समझता हूं कि अगर आप खुश नहीं हैं तो वापस लौट जाएं। मैं किसी पर कुछ करने के लिए दबाव नहीं डाल सकता हूं। कई बार सफलता आपके सिर पर चढ़ जाती है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि, रैना और धोनी के बीच बात हुई है। कप्तान ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि अगर कोरोना के केस बढ़े तो भी चिंता की बात नहीं है। धोनी ने टीम के साथ जूम कॉल पर बात की है और सभी को सुरक्षित रहने को कहा है।

कभी-कभी खिलाड़ी अपने आप को बहुत खास समझने लग जाते हैं
CSK के मालिक ने कहा, कभी-कभी खिलाड़ी अपने आप को बहुत खास समझने लग जाते हैं, जैसा कि पुराने समय में एक्टर्स किया करते थे। चेन्नई सुपर किंग्स हमेशा से ही एक परिवार की तरह रही है। इसमें सभी सीनियर खिलाड़ियों ने एक साथ रहना सीखा है। मैंने भी धोनी से इस बारे में बात की है। उन्होंने मुझसे यही कहा है कि यदि कोई खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव आता है, तो परेशान होने की बात नहीं है। श्रीनिवासन ने कहा, 'मुझे लगता है कि, रैना को अपनी गलती का एहसास होगा और वह जल्द ही वापस आना चाहेंगे। IPL इस बार कोरोना के कारण यूएई में 19 सितंबर से शुरू होने जा रहा है।

धोनी के जैसा रूम चाहते थे रैना
बता दें कि, रैना का IPL छोड़ भारत वापस लौटने का कारण अब तक सामने नहीं आया है। खबर थी कि पंजाब के पठानकोट में रैना के परिवार पर डकैतों ने हमला कर एक की हत्या कर दी थी। इसके कारण वे देश लौट आए हैं। हालांकि, यह सच्चाई नहीं है। बताया जा रहा है कि, CSK 21 अगस्त को दुबई पहुंची थी। तभी से रैना होटल के कमरे से खुश नहीं थे और वह कोरोना को लेकर कठोर प्रोटोकॉल चाहते थे। वह धोनी के जैसा रूम भी चाहते थे, क्योंकि उन्हें अपने रूम की बालकनी पसंद नहीं थी। इस बीच CSK की टीम के दो खिलाड़ियों तेज गेंदबाज दीपक चाहर और विकेटकीपर बल्लेबाज रुतुराज गायकवाड़ समेत कुल 13 सदस्य जब कोरोना पॉजिटिव हुए तो रैना का डर और भी बढ़ गया, इसलिए वह भारत वापस लौट आए।


 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।