Abrar Ahmed controversy: अबरार अहमद की सनराइजर्स टीम में एंट्री से भड़के सुनील गावस्कर, बोले - 'टूर्नामेंट जीतना भारतीयों की जान से..'

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्पिनर अबरार अहमद इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं। इसकी वजह इंग्लैंड की क्रिकेट लीग द हंड्रेड में भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स द्वारा उन्हें बड़ी रकम में खरीदना है। बता दें कि कुछ दिन पहले हुई नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार को 1.90 पाउंड (करीब 2.34 करोड़ भारतीय रुपये) में खरीदा था। इस टीम का मालिकाना हक सन ग्रुप के पास है, जिसकी आईपीएल में सनराइजर्स टीम भी है। भारतीय फैंस अब पाकिस्तान टीम के खिलाड़ी को खरीदे जाने पर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
सुनील गावस्कर ने भी घेरा
सनराइजर्स फ्रेंचाइजी जिसकी सीईओ काव्या मारन हैं, जिन्हें कई बार टीम को सपोर्ट करते हुए स्टेडियम में देखा गया है। फैंस अबरार वाले मामले को लेकर काव्या की भी काफी आलोचना कर रहे हैं। आलोचकों की सूची में भारत के ऑल टाइम ग्रेट बैटर सुनील गावस्कर का नाम भी जुड़ गया है। उन्होंने सनराइजर्स लीड्स के पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक पाकिस्तान खिलाड़ी को दिया जाने वाला पैसा भारतीय नागरिकों की जान लेने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
एक अखबार के कॉलम में गावस्कर ने लिखा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बीते कई सालों से जैसे संबंध हैं, जो भी घटनाएं हुई हैं, उसे देखते हुए लोगों की ओर से ऐसे रिएक्शन आना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि कैसे 2008 मुंबई हमले के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल से बैन कर दिया गया था। इसके बाद 2019 के पुलवामा और 2025 के पहलगाम अटैक के बाद भावनाएं और संवेदनशील हो गई हैं।
भारतीय के खिलाफ इस्तेमाल होगा पैसा
गावस्कर के मुताबिक यदि कोई भारतीय फ्रेंचाइजी पाकिस्तान टीम को खरीदती है तो वह पैसा टैक्स के रूप में पाकिस्तान सरकार तक पहुंचेगा और उन पैसों का इस्तेमाल हथियार खरीदने में किया जाएगा। इस तरह पाकिस्तान खिलाड़ियों को दिया जाने वाला वो पैसा भारतीयों के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है।
गावस्कर ने सनराइजर्स लीड्स के कोच डेनियल वेटोरी का नाम लेते हुए कहा कि शायद वो इस संवेदनशीलता को न समझ पाए, लेकिन फ्रेंचाइजी को यह समझना चाहिए। उन्होंने कहा, "भारतीय मालिक अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे सिस्टम को पैसा दे रहे हैं, जो भारत के सैनिको और नागरिकों की मौत का कारण बन सकता है। क्या इस तरह के टूर्नामेंट जीतना भारतीयों की जान से ज्यादा जरूरी है? जिसमें देश के बहुत कम खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।"
Created On :   16 March 2026 7:01 PM IST













