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9 साल की मासूम से रेप और हत्या कर टुकड़ों में काट दिया था शव, POCSO Court ने दोषी को 25 दिन की सुनवाई में सुनाई फांसी की सजा

9 साल की मासूम से रेप और हत्या कर टुकड़ों में काट दिया था शव, POCSO Court ने दोषी को 25 दिन की सुनवाई में सुनाई फांसी की सजा

डिजिटल डेस्क, पटना। 20 साल के लड़के को 9 साल की बच्ची का रेप करने, उसकी हत्या करने और उसके शव के पांच टुकड़ों में काटकर छिपाने का दोषी पाया गया है। POCSO की स्पेशल कोर्ट ने 25 दिन की सुनवाई में उसे इस अपराध के लिए फांसी की सजा सुनाई है। मामला बिहार के गोपालगंज का है। 27 जनवरी को पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट फाइल की थी और 25 दिन के अंदर POCSO की स्पेशल कोर्ट ने अब अपना फैसला सुना दिया है।

घटना पिछले साल 25 अगस्त, 2020 की है। जब देशभर में कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन लगा था। पटना में जूस की दुकान चलाने वाला जय किशोर अपने घर गोपालगंज स्थित गांव बकरौर आ गया था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची आरोपी के घर खेलने के लिए जाया करती थी। घटना के दिन भी बच्ची आरोपी के यहां गई थी, लेकिन उस दिन आरोपी की पत्नी और बच्ची घर पर नहीं थे। आरोपी ने इसी दौरान बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी। यही नहीं इसके बाद उसने शव के पांच टुकड़े किए और एक बैग में भर दिया और घर के किसी कोने में छिपा दिया। और मौके से फरार हो गया।

वहीं, जब बच्ची देर रात तक घर नहीं लौटी, तो परिजन परेशान हो गए। उसको ढूंढने लगे। जब वो नहीं मिली, तो सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने जांच की तो पाया कि बच्ची जय किशोर के यहां गई थी और तभी से जय किशोर और बच्ची दोनों लापता हैं। फिर पुलिस ने जय किशोर के घर की तलाशी ली। वहां वो बैग मिला, जिसमें बच्ची का शव पड़ा हुआ था। पुलिस ने शव के टुकड़ों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर कई जगह कांटने के निशान मिले।

क्या-क्या धाराएं लगीं?
POCSO की स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर दरोगा सिंह ने बताया कि बच्ची आरोपी के यहां आया-जाया करती थी। उसके बच्चों के साथ खेलती थी। घटना के दिन जब आरोपी की पत्नी और बच्ची घर पर मौजूद नहीं थे और ये बच्ची उसके घर गई थी तो उसने घटना को अंजाम दिया। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है।

आरोपी पर 12 साल से कम उम्र की लड़की का रेप करने के लिए IPC की धारा  376AB, हत्या करने के लिए धारा 302, सबूत को छिपाने के लिए धारा 201 और POCSO  (संशोधित) एक्ट 2019 की धारा 6 और 10 के तहत केस दर्ज किया गया है।

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