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बुध प्रदोष आज, जानिए व्रत पूजा विधि, कथा एवं राशि अनुसार उपाय 

July 24th, 2018 23:52 IST

डिजिटल डेस्क, भोपाल।  बुधवार यानी 25 जुलाई 2018 को प्रदोष व्रत किया जाएगा। बुधवार को प्रदोष व्रत पड़ने की वजह से ये बुध प्रदोष व्रत कहलाएगा। त्रयोदशी अथवा प्रदोष व्रत हर महीने में दो बार आता है। एक शुक्ल पक्ष और दूसरा कृष्ण पक्ष में। इस व्रत में भगवान महादेव की पूजा की जाती है। यह प्रदोष व्रत करने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं और उन्हें शिव धाम की प्राप्ति होती है।

बुध प्रदोष व्रत का महत्व

त्रयोदशी अर्थात प्रदोष का व्रत करने वाला मनुष्य सदा सुखी रहता है। उसके सम्पूर्ण पापों का नाश इस व्रत से हो जाता है। इस व्रत को करने से सुहागन नारियों का सुहाग सदा अटल रहता है, बंदी कारागार से छूट जाता है। इस व्रत को जो भी स्त्री, पुरुष जिस कामना को लेकर इस व्रत को करते हैं, उनकी सभी कामनाएं महादेव शंकर जी पूरी करते हैं।

सूत जी कहते हैं   
त्रयोदशी व्रत करने वाले को सौ गाय दान करने के बराबर फल प्राप्त होता है। इस व्रत को जो विधि विधान और तन, मन, धन से करता है उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

पूजन सामग्री 

धूप, दीप, घी, सफेद पुष्प, सफेद फूलों की माला, आंकड़े का फूल, सफेद मिठाइयां, सफेद चंदन, सफेद वस्त्र, जल से भरा हुआ कलश, कर्पुर, आरती के लए थाली, बेल-पत्र, धतुरा, भांग, हवन सामग्री, आम की लकड़ी।

बुध प्रदोष व्रत की विधि

प्रदोष व्रत के दिन व्रती को प्रात:काल उठकर नित्य क्रम से निवृत हो स्नान कर शिव जी का पूजन करना चाहिए। 
पूरे दिन अंतरमन में “ऊँ नम: शिवाय” का जप करें। दिनभर निराहार रहें।  
त्रयोदशी के दिन प्रदोष काल अर्थात सूर्यास्त से तीन घड़ी पूर्व, शिव जी का पूजन करें।  
प्रदोष व्रत की पूजा शाम 4:30 बजे से लेकर शाम 7:00 बजे के बीच की जाती है।  
व्रत करने वाले को संध्या को पुन: स्नान कर स्वच्छ श्वेत वस्त्र धारण करना चाहिए।  
पूजा स्थल अथवा पूजा गृह को शुद्ध कर लें। 
वैसे व्रती चाहे तो शिव मंदिर में भी जाकर पूजा कर सकते हैं। पांच रंगों से रंगोली बनाकर मंडप तैयार करें। 
पूजन की सभी सामग्री एकत्रित कर लें। 
एक कलश अथवा लोटे में शुद्ध जल भर लें। कुश के आसन पर बैठकर शिव जी की पूजा विधि-विधान से करें। 
“ऊँ नम: शिवाय” का स्मरण करते हुए शिव जी को जल अर्पित करें।  
इसके बाद दोनों हाथ जो‌ड़कर शिव जी का ध्यान करें। 
ध्यान के बाद, बुध प्रदोष की कथा सुनें और सुनायें। 
हवन सामग्री मिलाकर 11, 21 या 108 बार “ऊँ ह्रीं क्लीं नम: शिवाय स्वाहा” मंत्र से आहुति दें। 
इसके बाद शिव जी की आरती करें। उपस्थित जनों को आरती दें। 
सभी को प्रसादि वितरित कर बाद में भोजन करें। भोजन में केवल मीठी सामग्रियों का ही उपयोग करें।

बुध प्रदोष कथा

सूत जी बोले- अब मैं आप लोगों को बुधवार त्रयोदशी व्रत की कथा तथा विधि सुनाता हूँ। इस दिन हरे वस्त्र पहनें और हरी वस्तुओं का सेवन करें। प्रात: काल उठकर नित्य क्रम से निवृत्त होकर शंकर जी का पूजन धूप-दीप,बेल पत्र से करें। प्राचीन काल की कथा है, एक पुरुष का विवाह हुआ ही था। वह गौने के बाद दूसरी बार पत्नी को लेने के लिये अपनी ससुराल पहुँचा और उसने सास से कहा कि बुधवार के दिन ही पत्नी को लेकर अपने नगर जाएगा।

उस पुरुष के सास-ससुर ने, साले-सालियों ने उसको समझाया कि बुधवार को पत्नी को विदा कराकर ले जाना शुभ नहीं है, लेकिन वह पुरुष नहीं माना। विवश होकर सास-ससुर को अपने जमाता और पुत्री को भारी मन से विदा करना पड़ा।

पति-पत्नी बैलगाड़ी में चले जा रहे थे। एक नगर से बाहर निकलते ही पत्नी को प्यास लगी। पति जल पात्र लेकर पत्नी के लिए जल लेने गया। जब वह जल लेकर लौटा तो उसने देखा कि उसकी पत्नी किसी पराये पुरुष के लाए लोटे से जल पीकर , हँस-हँसकर बात कर रही है। वह पराया पुरुष बिल्कुल इसी पुरुष के चेहरे जैसा था।

यह देखकर वह पुरुष दूसरे अन्य पुरुष से क्रोध में आग-बबूला होकर लड़ाई करने लगा। धीरे-धीरे वहाँ बहुत भीड़ एकत्रत हो गयी । तभी एक सिपाही भी आ गया। सिपाही ने स्त्री से पूछा कि सत्य बता तेरा पति इन दोनों में से कौन है ? लेकिन वह स्त्री चुप रही क्योंकि दोनों पुरुष हमशक्ल थे।

बीच राह में पत्नी को इस तरह लुटा देखकर वह पुरुष मन ही मन शंकर भगवान की प्रार्थना करने लगा कि हे भगवान मुझे और मेरी पत्नी को इस बाधा से बचा लो, मैंने बुधवार के दिन अपनी पत्नी को विदा कराकर जो अपराध किया है उसके लिए मुझे क्षमा करो। भविष्य में मुझसे ऐसा अपराध नहीं होगा।

महादेव शंकर भगवान उस पुरुष की प्रार्थना से द्रवित हो गए और उसी क्षण वह पुरुष कहीं अंतर्ध्यान हो गया। तब पुन: वह पुरुष अपनी पत्नी के साथ सकुशल अपने नगर को पहुँच गया। इसके बाद से दोनों पति-पत्नी नियमपूर्वक बुधवार प्रदोष व्रत करने लगे।

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बुध प्रदोष व्रत परभगवान शंकर से मनवांछित फल प्राप्त करने के लिए राशि अनुसार करें ये उपाय

मेष- इस दिन पीपल के वृक्ष की 9 परिक्रमा करें।

वृष- जल में तिल मिलाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करें।

मिथुन- भगवान विष्णु के मंदिर में नीले पुष्प चढ़ाएं।

कर्क- शिवलिंग का शहद से अभिषेक करें।

सिंह- माता गौरी की प्रतिमा या चित्र पर सिंदूर चढ़ाएं।

कन्या- पीपल के वृक्ष की 108 परिक्रमा करें।

तुला- शालीग्राम जी पर तुलसी की मंजरी चढ़ाएं।

वृश्चिक- शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक करें।

धनु- भगवान विष्णु के मंदिर में रक्त पुष्प चढ़ाएं।

मकर- इस दिन गणेश जी को दही-चावल का भोग लगाएं।

कुंभ- भगवान शंकर पर चावल की खीर से अभिषेक करें।

मीन- इस दिन मीन राशि वाले गाय को गुड़ खिलाएं।

इस दिन ये उपाय करने से कुण्डली में चल रहे ग्रह दोष नष्ट हो जाते हैं।


 

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साप्ताहिक राशिफल: कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक


मेष लग्नराशि (Aries):➤  कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक:- ॐ मेष राशि वालों को इस सप्ताह कार्यक्षेत्र अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है। इस सप्ताह आपकी वाणी मधुर तथा लोगों को आकर्षित करेगी। पारिवारिक लोगों के साथ आप अच्छा समय व्यतीत करेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार संभव है। सेहत का ध्यान रखे आलस्य में वृद्धि हो सकती है। मानसिक नकारात्मकता बढ़ने से आप परेशान हो सकते है अतः इससे बचे। जीवनसाथी तथा प्रेमिका के साथ आपकी नजदीकियां बढ़ सकती है। सप्ताह का अंतिम भाग अचानक धन का लाभ दिला सकता है।     

वृषभ लग्नराशि (Taurus):➤ कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक:- ॐ इस सप्ताह वृषभ राशि वालों का जीवनसाथी के प्रति प्रेम बढ़ सकता है। पारिवारिक जीवन में कलह की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अतः सतर्क बने रहे। इस सप्ताह आपको अपनी वाणी पर संयम बनाए रखने की जरूरत रहेगी। कार्यक्षेत्र के लिहाज से सप्ताह सामान्य बना रहेगा। व्यापारिक वर्ग को कुछ अच्छे लाभ मिलने के संकेत है। भाई बहनों से लाभ तथा सहयोग की प्राप्ति होगी। धार्मिक कार्यो के प्रति आपका रुझान अधिक बना रह सकता है। धन खर्च की अधिकता भी रहेगी। तनाव लेने से बचें।   

मिथुन लग्नराशि (Gemini) :➤ कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक:- ॐ इस सप्ताह मिथुन राशि वालों को सेहत से जुडी कुछ समस्याएं परेशान कर सकती है। बेसमय का खान पान आपको दिक्क्त दे सकता है अतः ध्यान रखें। कार्यो को लेकर मन में थोड़ी परेशानी बनी रह सकती है। पारिवारिक तथा वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बना कर चले, अन्यथा दिक्कतें मिल सकती है। सप्ताह के मध्य का समय आपके लिए लाभकारी बना रहेगा। चल रही दिक्क्तों में आपको राहत मिल सकती है। धन का व्यय आपकी आर्थिक स्थिति को खराब कर सकता है।  

कर्क लग्नराशि (Cancer):➤  कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक:- ॐ इस सप्ताह कर्क राशि वालों को शुरूआती दिनों में कोई मानसिक तथा शारीरिक कष्ट हो सकते है। पारिवारिक सदस्यों के साथ सुकून भरा समय व्यतीत होगा। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखे। जीवनसाथी को चोट लगने की सम्भावना बन सकती है। आपको संतान से सुख तथा लाभ मिल सकता है। व्यापारी वर्ग के लिए सप्ताह चिंता भरा रह सकता है। इस सप्ताह आपको क्रोध तथा तनाव से दूर रहने की सलाह है। सप्ताह का अंतिम भाग आपके लिए अच्छा रहेगा कोई शुभ समाचार आपको मिल सकता है।    

सिंह लग्नराशि (Leo): ➤  कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक:- ॐ इस सप्ताह सिंह राशि वालों को धन सम्बन्धी मामलों को लेकर चिंता बनी रह सकती है। सेहत को लेकर चल रही परेशानी में इस सप्ताह आपको राहत मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में आपके लिए सामान्य स्थिति बनी रहेगी। इस सप्ताह की शुरुआत में संतान से आपके मतभेद हो सकते है या उनकी सेहत परेशान कर सकती है। छात्र वर्ग के लोग आलस्य भरा सप्ताह व्यतीत करेंगे। पारिवारिक सदस्यों के साथ आपके सम्बन्ध अच्छे तथा मधुर बने रहेंगे। सप्ताह के अंतिम दिन कोई अच्छी खबर आपको प्रसन्न कर सकती है।  

कन्या लग्नराशि (Virgo):➤ कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक:- ॐ इस सप्ताह कन्या राशि वालों को कार्यक्षेत्र में कार्य से सम्बंधित समस्या बनी रह सकती है। इस सप्ताह आप माता तथा संतान को लेकर परेशान हो सकते है। इस राशि से सम्बंधित गर्भवती महिलायें अपना ध्यान रखें। आपका पारिवारिक जीवन सामान्य रूप से व्यतीत होगा। जुए -सट्टे में आपको धन हानि होने की सम्भावना रहेगी। सेहत के लिहाज से सप्ताह  ठीक बना रहेगा। इस सप्ताह तनाव तथा चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है अतः बचे।  

तुला लग्नराशि (Libra):➤ कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक:- ॐ इस सप्ताह तुला राशि वालों की धर्म-कर्म में भागीदारी बढ़ सकती है। आप धार्मिक कथाओं में अधिक रूचि लेंगे। छोटे मोटे कार्यो को लेकर कार्यक्षेत्र में आपकी गतिविधि बनी रह सकती है। इस सप्ताह बुद्धि संबंधी चर्चाओं में आप भाग ले सकते है। सेहत के लिहाज से सप्ताह अच्छा बना हुआ है। पारिवारिक सदस्यों के साथ सामंजस्य बना रहेगा तथा जीवनसाथी के साथ सम्बन्ध मधुर रहेंगे। सप्ताह के अंतिम भाग में अचानक धन का लाभ हो सकता है।

वृश्चिक लग्नराशि (Scorpio):➤ कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक:- ॐ इस सप्ताह वृश्चिक राशि वालों को मानसिक तथा शारीरिक तकलीफ परेशान कर सकती है। जीवनसाथी तथा बच्चों के साथ अच्छा समय व्यतीत कर सकते है। इस सप्ताह आप पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वाह अच्छी तरह से करेंगे। लेखन के कार्यो से जुड़े हुए जातको के लिए यह सप्ताह फलदायी साबित हो सकता है। प्रेमी वर्ग को अच्छे समाचार मिल सकते है। इस सप्ताह आप साफ़ सफाई पर अधिक ध्यान दे सकते है। छात्र वर्ग को यह सप्ताह  विशेष लाभ देने वाला रहेगा, विशेषकर उच्च शिक्षा वर्ग के छात्रों को।

धनु लग्नराशि (Sagittarius):➤ कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक:- ॐ इस सप्ताह धनु राशि वालों को अपने पारिवारिक तथा वैवाहिक जीवन में संघर्ष करना पड़ सकता है। अपने निजी जीवन में अपने क्रोध तथा वाणी पर अंकुश रखना आपके लिए हितकारी सिद्ध होगा। सेहत को लेकर भी इस सप्ताह आप परेशान बने रह सकते है। आँखों तथा सिरदर्द की तकलीफ परेशान कर सकती है। धन सम्बन्धी मामलों को लेकर कुछ परेशानी हो सकती है। घरेलु सामग्री पर आपका धन का खर्च हो सकता है। कार्यक्षेत्र में स्थितियां सामान्य रहेगी।

मकर लग्नराशि (Capricorn):➤ कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक:- ॐ इस सप्ताह मकर राशि वालों को संतान सुख मिलेगा। कार्यक्षेत्र के लिहाज से सप्ताह का मध्य भाग आपके लिए अच्छा रहेगा। सेहत से जुडी कोई समस्या इस सप्ताह आपको परेशान कर सकती है। पारिवारिक तथा वैवाहिक जीवन सामान्य बना रहेगा। जीवनसाथी को इस सप्ताह अच्छे फल प्राप्त हो सकते है। वाहन चलाते समय सतर्कता बरतें। इस सप्ताह क़ानूनी नियमों का पालन करें अन्यथा कष्ट मिल सकते है। धन व्यय की अधिकता के चलते परेशान हो सकते है।    

कुंभ लग्नराशि (Aquarius):➤  कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक:- ॐ इस सप्ताह कुंभ राशि वालों को आय से सम्बंधित मामलों में असफलता हाथ लग सकती है। आपकी सुविधाओं में वृद्धि होगी। आपका खान पान उच्च कोटि का रहेगा। आप पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ अधिक समय व्यतीत करेंगे। जीवनसाथी के साथ प्रेम भाव में वृद्धि होगी। अहंकार से दूर बने रहे उचित रहेगा। सेहत का ध्यान रखे चोट लग सकती है। छात्र वर्ग के लोग इस सप्ताह अपने जरुरी कार्य पूर्ण करने में आलस्य करेंगे। संतान से मतभेद संभव है।   

मीन लग्नराशि (Pisces):➤  कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल तक:- ॐ इस सप्ताह  मीन राशि वालों को अपनी दैनिक सुख सुविधाओं में कुछ कमी मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में स्थितियां गंभीर बनी रह सकती है। धन से जुड़े मामलों के लिए आपको अधिक परिश्रम करना पड़ेगा। छात्र वर्ग इस सप्ताह अपने सभी कार्य आने वाले कल पर टाल सकते है। संतान की सेहत का ध्यान रखे। सप्ताह के मध्य में आपको कोई छोटा धन का लाभ मिल सकता है। माता -पिता की सेहत का ध्यान रखे। इस सप्ताह आपके मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है। तनाव से खुद को दूर रखें।

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