दैनिक भास्कर हिंदी: विश्वकर्मा जयंती 2017 : आज इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, मिलेगा धन

September 17th, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भगवान विश्वकर्मा जयंती 17 सितंबर रविवार को मनाई जा रही है। अाज रविवार काे विश्वकर्मा पूजा का संयोग शुभ फलदायी बताया गया है। इसके लिए जगह-जगह तैयारियां की गई हैं। छोटी दुकानों से लेकर बड़े-बड़े कारखानों में भी झांकियां सजाकर विशेष पूजा-अर्चना इस दिन की जाती है। अश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है।

पंचांग के अनुसार रविवार को दिन के 12 बजकर 54 मिनट तक पूजन का शुभ मुहूर्त है। भगवान विश्वकर्मा को देव शिल्पी माना गया है। शास्त्रगत मान्यताओं के आधार पर सृष्टि की संरचनात्मक वस्तुओं की रचना भगवान विश्वकर्मा ने की है। भगवान विश्वकर्मा वास्तु के भी कारक देव हैं। इसलिए इस दिन हर वर्ग के लोग भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना करते हैं।

ऐसे हुए उत्पन्न

सृष्टि की रचना के प्रारम्भ में भगवान विष्णु क्षीर सागर में प्रकट हुए।  उनकी नाभि-कमल से ब्रम्हा जी उत्पन्न हुए। बताया जाता है कि ब्रम्हदेव के पुत्र का नाम धर्म थाए जिसका विवाह वस्तु से हुआ। ये दक्षपुत्रियों में से एक थीं। धर्म और वस्तु के संसर्ग से सात पुत्र उत्पन्न हुए। सातवें पुत्र का नाम वास्तु रखा गयाए जो शिल्पशास्त्र में पारंगत था। वास्तु के एक पुत्र हुआ, जिसका नाम विश्वकर्मा रखा गया, जिन्होंने वास्तुकला में महारथ हासिल करके एक नयी मिशाल कायम की।

5 स्वरूप

धर्मशास्त्रों और ग्रथों में विश्वकर्मा के 5 स्वरुपों और अवतारों का वर्णन है। विराट विश्वकर्मा, धर्मवंशी विश्वकर्मा, अंगिरावंशी विश्वकर्मा, सुधन्वा विश्वकर्मा और भृंगुवंशी विश्वकर्मा।

करें इस मंत्र का जाप

ऊॅ श्री श्रीष्टिनतया सर्वसिधहया विश्वकरमाया नमो नमः, इस मंत्र का जाप कर विश्वकर्मा पूजा विधिवत करने से जातक के घर में धन-धान्य तथा सुख-समृद्धि की कभी कोई कमी नही रहती है।