comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

TRAILER RELEASE: Fast & Furious 9 का ट्रेलर रिलीज, फैमिली ट्विस्ट के साथ चकरा देने वाला कार एक्शन

TRAILER RELEASE: Fast & Furious 9 का ट्रेलर रिलीज, फैमिली ट्विस्ट के साथ चकरा देने वाला कार एक्शन

डिजिटल डेस्क मुंबई। हॉलिवुड फिल्मों की सबसे शानदार फ्रैंचाइजी में से एक 'Fast and Furious 9' का ट्रेलर रिलीज हो चुका है। 'फास्ट 8' यानी Fate of the Furious के बाद इस फिल्म 'F9' में भी धमाकेदार एक्शन और ड्रामा और फैमिली ट्विस्ट है। रिलीज किए जाने के कुछ ही घंटे के भीतर ट्रेलर यूट्यूब पर वायरल हो गया है। फिल्म की सीधी टक्कर सलमान खान की राधे और अक्षय कुमार की लक्ष्मी बॉम्ब से है। ऐसे में देखना होगा कि ये फिल्म भारत में क्या कमाल करती है।

ट्रेलर में विन डीजल और जॉन सीना की टक्कर काफी आकर्षित है। WWE सुपरस्टार जॉन सीना कई मायनों में विन डीजल पर भारी पड़ते भी नजर आ रहे हैं। फिल्म में जबरदस्त कार चेजिंस सीन्स और कमाल के वीएफएक्स का इस्तेमाल किया गया है। ट्रेलर देखने के बाद कहा जा सकता है कि फिल्म के डायरेक्टर फैन्स को एक बार फिर से कुछ नया दिखा पाने में कामयाब रहे हैं। भारत में फिल्म 22 मई को रिलीज होगी, लेकिन ट्रेलर ने फैन्स में एक्साइटमेंट डबल कर दिया है।

यह खबर भी पढ़ें: WEB SERIES: वेब सीरिज में काम करेंगी सोनाक्षी, रीमा कागती के निर्देशन में बनेगी सीरिज

फैमिली कनेक्शन में ट्विस्ट
'फास्ट ऐंड फ्यूरियस 9' की स्क्रिप्ट का जिम्मा क्रिस मॉर्गन के साथ न्यू कमर डेनियल केसी ने संभाला है। फिल्म के ट्रेलर में शुरुआत में विन डीजल और मिशेल रोड्रिग्ज़ की फैमिली लाइफ और जर्नी को दिखाया गया है। यहां फैमिली कनेक्शन में ट्विस्ट नजर आ रहा है उसमें विन डीज़ अपने भाई यानी जॉन सीना के खिलाफ हो जाते हैं, जिसे 'Fate of the Furious' में विलन चार्लीज़ थेरॉन की ओर से मदद मिलता है।

यह खबर भी पढ़ें: TIKTOK: इन टिकटॉक स्टार्स को मिला फेम, कुछ को मिला फिल्म में काम का मौका

पिछली फिल्म से कितना अलग?
इस सीरीज की हर फिल्मों की तरह 'फास्ट ऐंड फ्यूरियस 9' में भी जबरदस्त कार रेसिंग और रोमांच है। ट्रेलर काफी जानदार नजर आ रहा है। कुछ फैन्स को यह 'Fate of the Furious' से ज्यादा दमदार लग रहा है। लोगों का मानना है कि लिन ने फैन्स को अब तक शानदार 'फास्ट ऐंड फ्यूरियस' का स्वाद चखाया और यकीनन इस फिल्म में उनका बेस्ट नजर आनेवाला है।


 

कमेंट करें
mL4PS
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।