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Birthday: सतीश कौशिक है डॉयरेक्टर,प्रोड्यूसर और अभिनेता, 5 किरदारों से मिली पहचान

Birthday: सतीश कौशिक है डॉयरेक्टर,प्रोड्यूसर और अभिनेता, 5 किरदारों से मिली पहचान

डिजिटल डेस्क, मुंबई। हिंदी सिनेमा में डॉयरेक्टर,प्रोड्यूसर और अभिनेता के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले सतीश कौशिक आज 65 साल के हो गए है। हाल ही में सतीश और उनकी 8 साल की बेटी वंशिका कोविड से ठीक हुए है, जिसकी वजह से वो अपना जन्मदिन घर पर ही मनाएंगे। सतीश एक ऐसे परिवार से आते हैं,जिनका फिल्मों से कोई नाता नहीं हैं। अभिनेता का फिल्मी सफर आसान नहीं था। कभी इंडस्ट्री में एक छोटे से रोल के पीछे भागते तो कभी अपने वजन को लेकर शर्मिंदा होते, लेकिन कौशिक ने कभी हार नहीं मानी और 23 किलो वजन कम करके अपनी एक्टिंग से दुनिया को दिखा दिया कि मेहनत के बल पर सबकुछ संभव है। आज हम आपको बताएंगे सतीश कौशिक के वो 5 किरदार, जिसने दिलाई उन्हें इंडस्ट्री में पहचान

सतीश कौशिक से जुड़ी कुछ बातें

  • Birthday: सतीश कौशिक है हिंदी सिनेमा के डॉयरेक्टर,प्रोड्यूसर और अभिनेता
  • सतीश कौशिक का जन्म 13 अप्रैल 1956 को हरियाणा के महेन्‍द्रगढ़ में हुआ।  
  • सतीश ने शुरुआती पढ़ाई दिल्ली करोलबाग से और करोड़ीमल कॉलेज से ग्रेजुएशन किया।
  • सतीश नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा से 1978 में  पासआउट हैं।
  • 1979 को  सतीश अपने सपनों के साथ बॉम्बे आ गए।
  • सतीश ने करियर की शुरुआत बतौर सहायक निर्देशक फिल्म 'मासूम' से की।
  • सतीश ने निर्देशन में डेब्यू किया फिल्म 'रूप की रानी चोरो के राजा' से की।
  • सतीश की सबसे यादगार फिल्‍म मिस्टर इंडिया है, जिसमें उन्‍होंने कैलेंडर का किरदार निभाया।
  • सतीश को 2 बार बेस्ट कॉमेडियन के लिए फिल्मफेयर अवार्ड मिल चुका है।
सतीश कौशिक के 5 मशहूर किरदार
 
  • फिल्म 'साजन चले ससुराल' में सतीश कौशिक ने मुत्त स्वामी का किरदार निभाया था, जिसने दर्शको को साउथ इंडियन स्टाइल में खूब हंसाया। इस फिल्म में कौशिक गोविंदा के दोस्त के किरदार में नजर आए थे
  • 1997 में आई फिल्म 'मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी' में सतीश कौशिक ने अक्षय कुमार के मामा का किरदार निभाया था।
  • डेविड धवन की कॉमेडी फिल्म 'हसीना मान जाएगी' में सतीश कौशिक ने कादर खान के पर्सनल असिस्टेंट का किरदार निभाया था।
  • 1987 में रिलीज हुई फिल्म 'मिस्टर इंडिया' में सतीश कौशिक ने कैलेंडर नाम के कुक का किरदार निभाया था।
  • डेविड धवन की कॉमेडी फिल्म 'क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता' में कौशिक ने गोविंदा के दोस्त मोहन का किरदार निभाया था।
 
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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।