जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बड़ी बैठक: इसमें शामिल होने के लिए ब्रिटेन ने भारत को भेजा न्योता, MEA प्रवक्ता ने आमंत्रण पर क्या कहा?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हमले जारी है। इस दौरान तेहरान ने जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पाबंधियां लगा दी है। इस वजह से दुनियाभर में ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा संकट मडराते हुए नजर आ रहा है। यह मार्ग दुनियाभर के देशों के लिए अहम हो जाता है, क्योंकि यही से करीब 20 प्रतिशत तेल का आयात होता है। इसी संकट को समाप्त करने के लिए 35 देशों ने एक अहम बुलाई है। जिसमें भारत को शामिल होने के न्योता मिला है।
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भारत ने इस न्योते पर क्या कहा?
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संकट पर आयोजित 35 देशों की बैठक में शामिल होने के लिए भारत को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि यह न्योता ब्रिटेन की तरफ से मिला है। साथ ही बताया कि इस मीटिंग मे विदेश सचिव विक्रम विस्त्री वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे। जिसका मुख्य उद्देश्य जलमार्ग होर्मुज को दोबारा खोलना है, ताकि वैश्विक ऊर्जा संकट आपूर्ति को सामान्य किया जा सके। वहीं, इससे बढ़ते संकट को भी कम करना है।
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रणधीर जायसवाल से मीडिया ने सवाला किया कि युद्धग्रस्त देशों में भारतीयों की स्थिति कैसी है? इस पर उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। जो फिलहाल सभी सुरक्षित है। उन्होंने आगे बताया कि भारतीय दूतावास लगातार नागरिकों के संपर्क में है।
युद्ध में कितने भारतियों की गई जान
हालांकि, मंत्रालय के प्रवक्ता ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि इस जंग में अब तक आठ भारतियों की मौत हो गई है, जबकि 1 लापता है। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि भारत सरकार अपने लोगों की सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभा रही है। साथ ही कहा कि होर्मुज की मौजूदा स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया है कि जलमार्ग से गुजरने वाले भारतीय जहाजों से ईरान शुल्क ले रहा है।
Created On :   2 April 2026 7:40 PM IST













